सहारनपुर के देवबंद थाना क्षेत्र में गोकशी की घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि उनका एक साथी अभी फरार है. गिरफ्तार युवकों के नाम सलमान उर्फ सोनू और शोएब हैं. दोनों आरोपी अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए गायों की हत्या कर उनका मांस बेचते थे.
घटना गांधी कॉलोनी की है, जहां से 6-7 दिसंबर की रात सोमपाल नाम के व्यक्ति की गाय चोरी हो गई थी. चोरी के बाद गाय को जंगल में ले जाकर मार दिया गया और उसके अवशेष वहीं छोड़ दिए गए. 8 दिसंबर को पुलिस को इन अवशेषों की जानकारी मिली और सोमपाल ने इनकी पहचान अपनी गाय के रूप में की. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी.
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जांच के दौरान एक संदिग्ध कार मिली, जिसकी तलाशी लेने पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. उनके पास से गोकशी में इस्तेमाल होने वाले औजार और उपकरण भी बरामद हुए हैं. पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने महंगे शौक, जैसे रील आदि बनाने के लिए पैसे जुटाने के लिए यह अपराध करते थे. उन्होंने यह भी कबूल किया कि वे चोरी की गई गाय का वध कर उसका मांस बेचते थे. गिरफ्तार अभियुक्त से जब पूछताछ की गई तो दोनों ने एक स्वर में बताया कि वह दोनों आवारा गोवंश को मारकर गोमांस बेचते हैं तथा प्रॉफिट को आपस में बांट लेते हैं.
मामले में SP ने कही ये बात
एसपी ग्रामीण सागर जैन ने बताया कि गांधी कॉलोनी निवासी एक वादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 6-7 दिसंबर की रात उसकी गाय चोरी हो गई थी. 8 दिसंबर को पुलिस को गाय के अवशेष मिले, जिनकी वादी ने पहचान की. शिकायत के आधार पर थाना देवबंद में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ गौकशी और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया. जांच के लिए तीन टीमें गठित की गईं.
'पैसे के लिए किया गया था गौकशी'
सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर घटनास्थल के पास एक संदिग्ध कार देखी गई, जिसे ट्रेस करके पुलिस ने दो आरोपियों सोनू पुत्र सलमान और फैजान पुत्र शोएब को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे पैसे के बदले गौकशी करते हैं. घटना में प्रयुक्तकार, औजार और उपकरण भी पुलिस ने बरामद किए हैं. आरोपियों का आपराधिक इतिहास नहीं पाया गया, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि यह काम पैसे के लिए किया गया था.
पुलिस अब उन लोगों का भी पता लगा रही है, जिन्होंने इनसे गौवंश खरीदा था. उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी. तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें लगातार प्रयासरत हैं. गिरफ्तार आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया गया है, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है. वहीं, इस घटना के मुख्य आरोपी तीसरे व्यक्ति की तलाश जारी है.