दिल्ली से सटे नोएडा के थाना सेक्टर-63 में पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. ये लोग प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, फाइनेंस लोन और अन्य बैंकों से लोन दिलाने के नाम पर लोगों को कॉल कर उनसे ठगी करते थे.
ये ठग लोगों से फाइल चार्ज, ईसीएस चार्ज और जीएसटी के नाम पर रुपये लेकर ठगी करते थे. पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में नकदी, इलेक्ट्रॉनिक सामान, लोन दिलाने का कागजात और बाइक बरामद किया है.
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वो सोशल मीडिया पर लोन दिलाने का विज्ञापन देते थे. उसे देखकर जब कोई व्यक्ति लोन के लिए कॉल करता था, तो लोन अप्रूव करने का फर्जी लेटर तैयार करते थे. इसके बदले कॉलर से लोन पास कराने के कमीशन के रूप में पैसे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करा लेते थे.
फर्जी अप्रूवल लेटर दिखाकर ट्रांसफर करा लेते थे पैसे
आरोपियों ने कहा, 'हमलोगों ने इसके लिए एक्सिस बैंक का फर्जी खाता 20 हजार रुपये देकर खुलवाया था. इस काम में शाहरुख नाम का युवक लोगों को कॉल करने का काम करता था. जब कोई व्यक्ति लोन लेने के लिए तैयार होता था, तो दीपक और विकास दोनों लोन लेने वाले व्यक्ति के कागजात का वेरिफिकेशन कर फर्जी अप्रूवल लेटर दिखाकर पैसे ट्रांसफर करा लेते थे. इसके बाद इन पैसों को आपस में बांट लेते थे.
लोन दिलाने के नाम पर लाखों रूपयों की ठगी
अभियुक्तों ने आगे बताया कि लोन दिलाने के नाम पर फर्जी तरीके से लोगों से लाखों रूपये की ठगी की है. इन पैसों से ठगों ने फ्लैट, दुकान और गाड़ी खरीदे हैं. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की पहचान बुलंदशहर के दीपक कुमार, भदोही के विकास सिंह और गाजियाबाद के संघर्ष कॉलोनी के रहने वाला शाहरुख के रूप में हुई है.