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VIDEO: गैंगस्टर अनिल दुजाना का शव देख गांव में मचा कोहराम, अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब

Anil Dujana: गैंगस्टर अनिल दुजाना को यूपी एसटीएफ ने गुरुवार को मुठभेड़ में मार गिराया था. शुक्रवार को जैसे ही उसका शव दुजाना गांव पहुंचा, कोहराम मच गया. भारी संख्या में लोग उसके अंतिम संस्कार में शामिल हुए. मामले की गंभीरता को समझते हुए भारी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई थी.

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दुजाना गांव में हुआ गैंगस्टर अनिल का अंतिम संस्कार.
दुजाना गांव में हुआ गैंगस्टर अनिल का अंतिम संस्कार.

यूपी एसटीएफ ने गुरुवार को कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना को एनकाउंटर में मार गिराया था. ये मुठभेड़ मेरठ में उस वक्त हुई, जब दुजाना अपनी गाड़ी से भागने की कोशिश कर रहा था. इसी दौरान उसकी गाड़ी खंबे से टकरा गई. इसके बाद उसने एसटीएफ के जवानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की. इसके बाद एसटीएफ की ओर से की गई जवाबी फायरिंग में वो मारा गया. 

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पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार सुबह उसका शव पैतृक गांव दुजाना पहुंचा. शव देखते ही चीख-पुकार मच गई और जन सैलाब उमड़ पड़ा. बड़ी संख्या में गांव की महिलाएं भी दुजाना के शव को देखने पहुंचीं. गांव के ही श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान भारी संख्या में पुलिस फोर्स भी तैनात रहा. इससे पहले जैसे ही दुजाना के एनकाउंटर में मारे जाने की खबर मिली थी, दुजाना गांव में तनाव का माहौल हो गया था. 

'अपनी ससुराल जा रहा था अनिल दुजाना'

गांव में कहा जा रहा है कि जिस अनिल दुजाना की एसटीएफ से उस वक्त मुठभेड़ हुई जब वो बागपत में अपनी ससुराल जा रहा था. दुजाना पर 2001 में नोएडा के थाना सेक्टर 20 में डकैती का केस दर्ज हुआ था. इसके बाद 2002 में गाजियाबाद के कविनगर थाना में हत्या का मामला दर्ज हुआ.

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कुछ दिन पहले ही जेल से बाहर आया था दुजाना

इन वारदातों के बाद उसने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और अपराध की दुनिया में आगे बढ़ता चला गया. अनिल दुजाना पर करीब 5 दर्जन से ज्यादा केस दर्ज हैं. इसमें 18 मामले हत्या के हैं. अभी कुछ दिन पहले ही दुजाना अयोध्या की जेल से बाहर आया था. आते ही वो दोबारा आतंक फैलाने की कोशिश कर रहा था.

देखिए वीडियो...

ये भी पढ़ें- मारा गया वो गैंगस्टर, जिसे यूपी में कहा जाता था छोटा शकील

गैंगस्टर दुजाना की कुख्यात माफिया सुंदर भाटी और उसके गैंग से रंजिश रही है. इस रंजिश में कई हत्याएं हो चुकी हैं. साल 2012 में दुजाना और उसके गैंग ने सुंदर भाटी और उसके करीबियों पर AK-47 राइफल से हमला किया था. ये दोनों गैंग सरकारी ठेकों, सरिया की चोरी और टोल के ठेकों को लेकर अक्सर आमने-सामने आते रहे हैं. यही वजह थी कि पुलिस उसको पेशी पर ले जाते समय बुलेटप्रूफ जैकेट देती थी.

नरेश भाटी की हत्या के बाद दुजाना ने सुंदर पर किया हमला

अनिल दुजाना गैंगस्टर नरेश भाटी का करीबी और शूटर था. नरेश की हत्या सुंदर भाटी ने करवाई थी. इसके बाद बदला लेने के लिए अनिल ने सुंदर पर हमला किया था. यहीं से दोनों के बीच अदावत का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ, जिसमें कई बार गोलियां चलीं. फिलहाल दुजाना ही नरेश भाटी गैंग की कमान संभाल रहा था. 

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दुजाना को पश्चिम यूपी में छोटा शकील कहा जाता था

गैंगस्टर का खौफ कुछ इस कदर था कि उसे अपराध जगत खासकर पश्चिम यूपी में छोटा शकील कहा जाता था. कहा जाता है कि जिसने भी उसके खिलाफ आवाज उठाई, दुजाना ने उसकी हत्या करवा दी. कोई भी उसके खिलाफ बोलने से भी डरता था.

 

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