गाजीपुर की पुलिस ने रविवार को नटवर लाल विजय भारती को गिरफ्तार कर लिया है. इस बात का खुलासा एसपी ओमवीर सिंह ने अपने कार्यालय में मीडिया के सामने किया है. इस दौरान एसपी ने कहा कि विजय भारती देश में एलआईसी के टॉप लीडिंग एजेंट रहते करोड़ों रुपये का फ्राड किया था. उस फ्राड किये हुए पैसे से उसने करोड़ों रुपये की संपत्ति बना कर स्कूल व्यवसाय की आड़ में सफेद पोश बना हुआ था.
एसपी ने बताया कि अभियुक्त वाराणसी के चौबेपुर में डालिम्स सनबीम स्कूल और आजमगढ़ के मेहनाजपुर में डालिम्स सनबीम स्कूल समेत तीन जगहों पर फ्रेंचाइजी लेकर स्कूल की चेन चला रहा था. साथ ही नकली नोट छापने का भी काम कर रहा था. चुनाव से पहले अन्य प्रांतों से अपराधियों की लिस्ट का आदान प्रदान हुआ तो मामले का खुलासा हुआ.
नकली नोट छापने की मशीन और सामग्री बरामद
आरोपियों को मीडिया के सामने बरामद सामानों के साथ पेश करते हुए एसपी गाजीपुर ओमवीर सिंह ने ये भी बताया कि गाजीपुर की स्वाट/सर्विलांस व खानपुर थाने की संयुक्त टीम ने नकली नोट बनाने व नोटों को बाजार में सप्लाई करने वाले सरगना समेत अन्तर्राज्यीय गिरोह के 03 सदस्यों को जनपद गाजीपुर के बिहारीगंज डगरा करमपुर मोड़ व शिवदास पोखरा मोड़ से गिरफ्तार किया है.
पकड़े गए आरोपियों में सरगना विजय भारती पुत्र स्व. फूलचन्द भारती, ग्राम सिधौना, थाना खानपुर जनपद गाजीपुर, विशेन यादव, पुत्र स्व. धर्मराज यादव, निवासी ग्राम रायपुर, बाघपुर थाना मरदह, जनपद गाजीपुर और अमित यादव उर्फ मोनू, पुत्र राजेन्द्र यादव, निवासी ग्राम करदहा कैथोली, थाना मरदह, जनपद गाजीपुर शामिल हैं. पकड़े गए आरोपियों के पास से दो बाइक और 99200 रुपये के नकली नोट बरामद किये गए हैं.
नकली नोट की खेप बरामद
बरामद नोटों में 500 की 30 नकली नोट, 200 की 276 नकली नोट व 100 के कुल 290 नकली नोट शामिल हैं. साथ ही नकली नोट बनाने में इस्तेमाल किये जाने वाले 15 पीस पेपर, नोटों की फीडिंग का 34 पीस पेपर तथा नकली नोट छापने की प्रिंटर मशीन व एक ही व्यक्ति की फोटो लगी अलग-अलग नाम पते से बने 04 कूटरचित आधार कार्ड भी बरामद किया गया है.
अलग-अलग राज्यों में 30 मामले दर्ज
एसपी गाजीपुर ने ये भी बताया कि चुनाव से पहले अन्य स्टेटों से अपराधियों की लिस्ट का आदान प्रदान हुआ तो राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, झारखंड और बिहार के 13 जनपदों में पकड़े गए गिरोह के सरगना विजय भारती का अन्य स्टेट में विभिन्न नाम से मुकदमा दर्ज था. जब गाजीपुर स्वाट, सर्विलांस और खानपुर थाने की पुलिस द्वारा वर्क आउट किया गया एक ही फोटो लगे 4 नाम से अलग अलग आधार कार्ड मिले है. गहनता से पूछताछ में पता चला कि आरोपी विजय भारती के ऊपर अलग-अलग राज्यों में लगभग 30 मुकदमें दर्ज हैं.
कई बार जेल जा चुका है विजय भारती
एसपी ने बताया कि विजय भारती पूर्व में कई बार जेल जा चुका है तथा पिछले लगभग 04 वर्षों से फरार चलने के कारण कई मुकदमों में वांछित है. जिससे बचने के लिए वह अलग-अलग नाम पता का आधार कार्ड इस्तेमाल कर अपनी पहचान छुपाकर लगातार इस तरह की घटनाओं को अंजाम देता रहा है.