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'खरीदने की कोशिश हुई, नहीं बिके तो मां पर 16 मुकदमे लगाए, लेकिन हम झुकने वाले नहीं...', गाजीपुर में बोला मुख्तार का बेटा

गाजीपुर से मुख्तार के भाई अफजाल अंसारी चुनाव लड़ रहे हैं. उनके चुनाव प्रचार में अब उमर अंसारी की एंट्री हो गई है. अपने भाषण में उमर ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा, साथ ही बताया कि उनके ऊपर कैसे-कैसे जुल्म हो रहे हैं.

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गाजीपुर: सपा दफ्तर में उमर अंसारी
गाजीपुर: सपा दफ्तर में उमर अंसारी

माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी और उनकी बेटी नुसरत ने गाजीपुर लोकसभा से अपना नामांकन दाखिल कर दिया है. नामांकन के दौरान मुख्तार का बेटा उमर अंसारी भी नजर आया. अफजाल के चुनाव प्रचार में उमर घूम-घूम कर लोगों से वोट अपील कर रहा है. सपा कार्यालय में लोगों को संबोधित करते हुए उमर ने कहा कि चुनाव अपने अंतिम चरण की ओर है और आपको हम लोगों के साथ रहना है. बीजेपी पर हमला बोलते हुए उमर ने कहा कि आज ये कहते हैं आजादी का अमृत महोत्सव है, लेकिन जिस परिवार में 12 स्वतंत्रता सेनानी हों उनको किन शब्दों से मुराद रहे हैं, ये किसी से छिपा नहीं है. 

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उमर अंसारी ने कहा कि बड़े भाई के जेल में रहने और मुकदमों की वजह से मैं अभी तक चुनाव प्रचार में नहीं आ सका. लेकिन यकीन जानिए जब तारीख नहीं होगी आपके बीच रहूंगा. मेरे ऊपर दुखों का बड़ा पहाड़ टूटा है लेकिन आप सबने देखा है कि हमने संयम नहीं खोया है. मेरे पिता की सुनियोजित हत्या हुई है, उसे मैं मौत नहीं हत्या मानता हूं. बावजूद उसके जो जनसैलाब उनके जनाजे में उमड़ा उससे सरकार की आंखें खुल गई हैं. 

बकौल उमर अंसारी- जिन्होंने सोचा था कि इस साजिश को अंजाम देकर लाभ लेंगे, वो टोटल बैक फायर हो चुका है. आज पूर्वांचल की हर सीट पर बीजेपी को 50 से डेढ़ लाख तक के वोटों का नुकसान हुआ है. हम लोग कभी जाति, मजहब की राजनीति नहीं करते, कोई हमारे दरवाजे आता है तो हम उसके आंसू पोछने का काम करते हैं. हमारा दीन भी हमें यही सिखाता है. 

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भाजपा पर हमलावर होते हुए उमर ने कहा- जब देश गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था तब मेरे दादाओं, परदादाओं और परनानाओं ने कुर्बानियां दी. कश्मीर के लिए ब्रिगेडियर उस्मान को खून बहा था. अगर आपके घर में किसी ने भी देश के नाम पर अपना नाखून भी कटवाया हो तो बताओ. आप हमें आतंकवादी कहते हो, भूमाफिया, गुंडा और अपराधी कहते हो लेकिन ये नहीं बताते कि कितने मुकदमों में हम बरी हो चुके हैं. 

उमर ने कहा कि 65 से ज्यादा मुकदमें बताते हैं ये लोग मेरे पिता जी पर 45 में वे बरी हो चुके थे. एक मुकदमा 2005 में जेल जाने से पहले का था और बाकी सारे मुकदमें झूठे हैं. हमारे बाबा (अफजाल) पर झूठा मुकदमा लगा कर गैंगस्टर एक्ट में सजा करा दी गई, जिसके मूल केस में वो बरी हो चुके हैं. हमें खरीदने की भी कोशिश की गई पर हम नहीं बिके. जब नहीं बिके तो मेरी मां पर 16 मुकदमे लगाए गए. जुल्म की इंतहा यहीं नहीं रुकी. 

मतदाताओं को संबोधित करते हुए उमर ने कहा कि ये मामूली चुनाव नहीं है. आपको अफजाल अंसारी, मुख्तार अंसारी, उमर अंसारी और नुसरत अंसारी बनकर चुनाव लड़ना है. अंतिम समय में इस चुनाव को अपने कायदे से लड़ दिया तो केंद्र में ये जो मोदी जी की सरकार है ये सरकार नहीं रहेगी. गाजीपुर में इतिहास बनने जा रहा है. अंत में राहत इंदौरी का शेर पढ़कर उमर ने कहा- "सभी का खून है शामिल यहां की मिटटी में, किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है."

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