लखनऊ के गोमती नगर में 31 जुलाई को बारिश के दौरान एक लड़की से छेड़खानी का वीडियो वायरल हुआ था. इस मामले में 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. मामले में पवन यादव को भी आरोपी बनाया गया है. इस मामले में उसे जेल भी भेजा गया था. वहीं, गुरुवार को उसे जमानत मिल गई. जेल से बाहर आने के बाद पवन ने सपा अध्यक्ष अखिलेश से मुलाकात की और खुद को निर्दोष बताया.
आरोपी पवन ने हाथ जोड़कर फोटो खिंचवाने का लगाया आरोप
पवन ने सपा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद कहा कि उस दिन घटना के वक्त मैं वहां मौजूद नहीं था. पुलिस ने अपनी लापरवाही छिपाने के लिए कुछ निर्दोष लोगों पर भी कार्रवाई की. मेरे नाम में यादव है शायद इसलिए मुझे भी फंसाया गया. पवन ने कहा कि जब स्पेशल टास्क फोर्स (STF) आई तो मुझे घटना की कोई जानकारी नहीं थी.
यह भी पढ़ें: लखनऊ: VIP नंबर की कार वाले बकरा चोर.... गोमती नगर की वारदात CCTV में कैद
पुलिस ने हाथ जोड़वा कर फोटो खिंचवाई और आरोपी बना दिया. पुलिस ने सरकार को भी गुमराह किया. घटना से जुड़े किसी भी वीडियो में मैं नही हूं. मुझे पुलिस ने फंसाया है. पुलिस के चलते मेरी छवि भी समाज में धूमिल हुई है.
CM योगी ने भी पवन यादव का नाम सदन में लिया था
पवन यादव का नाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में भी लिया था. इसको लेकर भी राजनीति गरमा गई थी.वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बिना नाम लिए सरकार पर हमला बोला.उन्होंने कहा कि वो बेचारा चाय पी रहा था. पुलिस आई गिरफ्तार कर ले गई.
जांच होगी तो छूट जाएगा. अखिलेश यादव ने कहा कि सदन में और भी नाम पढ़े जाने थे. लेकिन पढ़े सिर्फ दो नाम गए. अब वो भी जेल से छूट आया. सोचिए कैसी सरकार है, जो अन्याय कर रही है और लोगों को अपमानित कर रही है.