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यूपी के गोंडा का 19 वर्षीय एक युवक पहली बार घर से कमाने निकला था. वह ट्रेन से मुंबई जा रहा था. मगर उसका ये सफर अंतिम सफर साबित हुआ. बीते बुधवार को जलगांव के पास हुई ट्रेन दुर्घटना में उसकी मौत हो गई. जैसे ही इसकी खबर घरवालों को हुई परिवार में कोहराम मच गया. मृतक युवक का नाम नसरुद्दीन है. पोस्टमार्टम के बाद एंबुलेंस से आज उसका शव घर पहुंचा.
कटरा बाजार थाना क्षेत्र में रहने वाले परिजनों के मुताबिक, नसरुद्दीन पहली बार ट्रेन से इतनी दूर की यात्रा कर रहा था. उन्हें नहीं मालूम था उनके जिगर के टुकड़े का यह सफर अंतिम सफर साबित होगा, अगर पता होता तो वह उसे नहीं जाने देते. बड़े भाई ने रोका भी था.
जैसे ही जलगांव ट्रेन हादसे की खबर नसरुद्दीन के पिता बदरुद्दीन को लगी वह भागे-भागे लखनऊ से गोंडा आए. परिवार के लोगों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया. नसरुद्दीन की मां तो रोते-रोते बेहोश हो गईं.
स्थानीय लोगों ने बताया कि बदरुद्दीन 3 महीने पहले ही सऊदी अरब से कमा कर लौटे थे. बदरुद्दीन के 4 बेटे हैं. नसरुद्दीन सबसे छोटा था. उसकी मौत से परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई. नसरुद्दीन के टीचर नरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि वह पढ़ने में तेज था. हंसमुख और मिलनसार था.
वहीं, नसरुद्दीन के ताऊ इस्लाम बेग ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद बॉडी मुंबई से चली है. आज एंबुलेंस के जरिए बॉडी गोंडा आ जाएगी. उसके बाद अंतिम क्रिया की जाएगी. उसके माता-पिता की हालत खराब है, दो बार डॉक्टर चेक कर चुके हैं.
मृतक के बड़े भाई सिराजुद्दीन ने नम आंखों से कहा कि हम सबने उसे मुंबई जाने से रोका था, लेकिन वह चला गया. अगर बात मान लेता तो शायद जिंदा होता, हम सबके बीच होता. जब हमने वीडियो कॉल पर नसरुद्दीन को देखा तो खून बह रहा था. टाइम पर अस्पताल पहुंचाया जाता तो बच भी जाता. किसी ने उसके रुपये भी निकाल लिए थे.
जलगांव ट्रेन एक्सीडेंट
आपको बता दें कि लखनऊ जंक्शन से मुंबई जाने वाली पुष्पक एक्सप्रेस में बुधवार को महाराष्ट्र के जलगांव में परांडा स्टेशन पर धुंआ उठा, जिससे आग की आशंका में यात्रियों ने चेन खींच दी. इसके बाद कई यात्री नीचे कूद गए और दूसरे ट्रैक पर आ रही कर्नाटक एक्सप्रेस की चपेट में आ गए. हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई जबकि दर्जनों घायल हो गए.