ज्ञानवापी से संबंधित 7 मुकदमों को एक साथ समायोजित करके सुनने वाली याचिका पर फैसले को लेकर एक बार फिर नई तारीख तय की गई है. वाराणसी जिला जज की अदालत में मामले में 27 मार्च सोमवार को फैसला सुनाएगी. दरअसल, बीते दिनों वाराणसी जिला जज अजय कृष्ण विश्वेश ने ट्रांसफर एप्लीकेशन मामले में फैसला सुरक्षित कर लिया था, लेकिन कई तारीखों के बीतने के बाद भी फैसला नहीं सुनाया जा रहा है. अब एक बार फैसला सुनाने की तारीख को 27 मार्च सोमवार के दिन के लिए टाल दिया गया है.
वहीं इलाहाबाद हाई कोर्ट ने वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद में पाए गए कथित ‘शिवलिंग’ की कार्बन डेटिंग पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को जबाव दाखिल करने का आखिरी मौका दिया है. कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जाहिर की कि ASI ने आठ सप्ताह का समय लेने के बावजूद जवाब दाखिल नहीं किया. अब कोर्ट इस मामले में 5 अप्रैल को सुनवाई करेगी.
बता दें कि ज्ञानवापी में मिली वस्तु को हिंदू याचिकाकर्ताओं की ओर से 'शिवलिंग' होने का दावा किया गया है. वहीं मुस्लिम पक्ष का कहना है कि ये वस्तु 'फव्वारे' का हिस्सा थी. लक्ष्मी देवी समेत चार याचिकाकर्ताओं ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में प्रिजेंट सिविल रिवीजन पिटीशन दायर की है, जिसमें वाराणसी की अदालत के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें 16 मई, 2022 को मस्जिद परिसर से मिले कथित 'शिवलिंग' की कार्बन डेटिंग की मांग को खारिज कर दिया गया था.