यूपी का हाथरस एक बार फिर सुर्खियों में है. वजह है दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले छात्र कृतार्थ की हत्या. वैसे तो कृतार्थ की हत्या करीब ढाई महीने पहले हुई थी, हत्यारोपी जेल भी भेजे जा चुके थे, लेकिन अब इस केस एक नया और बेहद चौंकाने वाला मोड़ आ गया है, जिसे जानकर हर कोई हैरत में है. दरअसल, अब खुलासा हुआ है कि कृतार्थ का कत्ल किसी और ने नहीं बल्कि उसी के स्कूल में 8वीं कक्षा में पढ़ने वाले 13 साल के छात्र ने की थी.
मालूम हो कि कृतार्थ (11) हाथरस के डीएल पब्लिक स्कूल रसगवां में कक्षा दो का छात्र था. वह स्कूल के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था. 22 सितंबर 2024 की रात को हॉस्टल के हॉल में गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई थी. उस वक्त पुलिस ने स्कूल के मैनेजर, प्रिंसिपल, दो टीचर सहित 5 लोगों को जेल भेज दिया था. लेकिन अब खुलासा हुआ है कि ये वारदात 8वीं में पढ़ने वाले छात्र ने की थी.
हालांकि, शुरुआती जांच के आधार पर कहा गया था कि तंत्र-मंत्र के लिए बच्चे की हत्या की गई. लेकिन बीते 23 दिसंबर को पुलिस ने जो अदालत में चार्जशीट दाखिल की है उसमें कृतार्थ का 'कातिल' हॉस्टल में ही रहने वाले कक्षा 8 के छात्र को बताया गया है. पुलिस ने चार्जशीट में जो आरोपी छात्र का कबूलनामा दर्ज किया है, वह बहुत ही चौंकाने वाला है.
पुलिस के मुताबिक, आरोपी छात्र का पढ़ाई में मन नहीं लगता था. वो छुट्टी लेकर घर जाना चाहता था. मगर उसे छुट्टी नहीं मिल रही थी, इसलिए उसने कृतार्थ की हत्या का प्लान बनाया, ताकि स्कूल में छुट्टी हो जाए. उसने एक वीडियो भी देखी थी कि अगर किसी छात्र की मौत हो जाए तो स्कूल कई दिन के लिए बंद हो सकता है. ऐसे में आरोपी ने सोते वक्त कृतार्थ का अंगोछे से गला घोंट दिया.
फिलहाल, हाथरस पुलिस ने डीएल पब्लिक स्कूल के मैनेजर और उनके पिता सहित पांच आरोपियों को क्लीन चिट दे दी है. उन्हें सिर्फ सबूत मिटाने और अपराध की सूचना न देने का दोषी माना गया है. चार्जशीट में पुलिस ने कहा है कि आरोपी छात्र मोबाइल चलाने का आदी था. वह स्कूल से छुट्टी चाहता था, उसका हॉस्टल में मन नहीं लगता था, इसीलिए उसने कृतार्थ की अंगोछे से गला घोंटकर हत्या कर दी. पुलिस ने स्कूल के पीछे झाड़ियों से अंगोछा बरामद किया है.
विवेचना के बाद पुलिस ने हत्याकांड में शामिल 13 साल के छात्र को दोषी मानते हुए उसे हिरासत में लेकर बाल सुधार ग्रह भेज दिया है. वहीं, स्कूल के मैनेजर सहित पूर्व में गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों को मंगलवार को जमानत मिल गई है. हालांकि, पुलिस की इस विवेचना से कृतार्थ के परिवारीजन संतुष्ट नहीं है. उनका कहना है कि पुलिस ने पैसे लेकर गलत चार्जशीट दाखिल की है और वह इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए कानूनी मदद लेंगे.