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'रनवे से हेलीकॉप्टर चोरी...' अखिलेश यादव ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल, यूपी पुलिस ने बताया कहानी का सच

मेरठ (Meerut) में एक कथित हेलीकॉप्टर चोरी (helicopter theft) का मामला तूल पकड़ने लगा है. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे लेकर योगी सरकार पर निशाना साधा है. अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि 'अब यूपी में अपराधी हेलीकॉप्टर भी चुरा रहे हैं. यह राज्य की कानून-व्यवस्था और हवाई अड्डों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल है.'

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हेलीकॉप्टर मामले में अखिलेश ने साधा निशाना.
हेलीकॉप्टर मामले में अखिलेश ने साधा निशाना.

उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) में एक हेलीकॉप्टर चोरी (helicopter theft) की कथित घटना ने सोशल मीडिया पर तूल पकड़ लिया है. इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए. हालांकि, पुलिस जांच के बाद इसे महज एक गलतफहमी का मामला बताया गया.

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एजेंसी के अनुसार, पुलिस ने कहा कि एसएआर एविएशन सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के पायलट रवींद्र सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी. इसमें आरोप लगाया गया था कि उनकी फर्म का हेलीकॉप्टर चोरी हो गया है. रवींद्र सिंह ने दावा किया कि मई में कुछ लोग हेलीकॉप्टर को ट्रक में लादकर ले गए थे. जब उन लोगों से इस बारे में बात की थी तो उन्होंने मारपीट कर दी थी.

इस शिकायत के बाद ये मामला सोशल मीडिया पर सुर्खियों में आ गया. इसके बाद समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर निशाना साधा. उन्होंने 'हेलीकॉप्टर चोरी' के मामले का हवाला देते हुए अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट शेयर किया है.

पूर्व मुख्यमंत्री ने एक्स पर लिखा, अभी तक उत्तर प्रदेश में अपराधी हत्या, लूट, डकैती और बलात्कार के जरिए भाजपा की कानून व्यवस्था को ध्वस्त कर रहे थे, लेकिन अब मेरठ में हेलीकॉप्टर को ट्रक में भरकर ले जाने की खबर आ रही है. यह एयरपोर्ट की सुरक्षा का भी सवाल है. वहां क्या हो गया है?'

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यह भी पढ़ें: मेरठ में हवाई पट्टी पर खड़े हेलीकॉप्टर के पुर्जें-पुर्जें खोल ले गए, पायलट से भी मारपीट, जानें पूरा मामला

अखिलेश यादव के इस पोस्ट के बाद पुलिस ने जवाब दिया और कहा कि रवींद्र सिंह ने चोरी की शिकायत की थी. उन्हें नहीं पता था कि हेलीकॉप्टर को एसएआर एविएशन सर्विस प्राइवेट लिमिटेड ने किसी दूसरी फर्म को बेच दिया है.

इस मामले में सर्किल ऑफिसर अंतरिक्ष जैन ने कहा कि जांच में पता चला है कि संबंधित हेलीकॉप्टर को रवींद्र सिंह की कंपनी ने किसी दूसरी फर्म को बेच दिया था. कथित चोरी के दिन नए मालिकों ने हेलीकॉप्टर को ट्रक से ले जाया था. रवींद्र सिंह को हेलीकॉप्टर के बेचे जाने के बारे में पता नहीं था. नई कंपनी ने इसमें कोई गलत काम नहीं किया.

पुलिस ने कहा कि रवींद्र सिंह द्वारा लगाए गए मारपीट और गाली-गलौज के आरोप भी जांच के दौरान साबित नहीं हुए. इससे पहले वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (मेरठ) विपिन टांडा ने कहा था कि यह घटना चोरी की नहीं, बल्कि विमानन कंपनी के दो साझेदारों के बीच विवाद की है.

चोरी की शिकायत रवींद्र सिंह ने परतापुर थाने में दर्ज कराई थी. पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि डॉ. भीमराव अंबेडकर हवाई पट्टी पर खड़े हेलीकॉप्टर को अनाधिकृत रूप से कुछ लोग ले गए थे. हेलीकॉप्टर को ट्रक में भरकर ले गए थे.

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इस पूरे मामले में कंपनी ने क्या कहा?

विमानन कंपनी की वेबसाइट पर सूचीबद्ध नंबर पर कॉल किया. कॉल पर खुद को एसएआर एविएशन सर्विस प्राइवेट लिमिटेड का निदेशक बताने वाले कैप्टन जीसी पांडे ने कहा कि मुझे नहीं पता कि यह सब कैसे शुरू हुआ. इसमें कोई सुरक्षा संबंधी चूक नहीं है.

रवींद्र सिंह की शिकायत के बारे में पांडे ने कहा कि इसकी जानकारी नहीं है. मुझे कुछ पता नहीं है. जहां तक ​​रवींद्र सिंह का सवाल है, तो वह अब हमारी कंपनी में नहीं हैं. जीसी पांडे ने कहा कि जिस हेलीकॉप्टर को लेकर इतनी बातें हुईं हैं, उसे 2023 में ही बेच दिया गया था.

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