राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए संवर रही अयोध्या के लिए आज का दिन बेहद खास है. आज अयोध्या शहर को पुनर्विकसित रेलवे स्टेशन और नए एयरपोर्ट का तोहफा मिलने वाला है. पीएम मोदी आज इसका उद्घाटन करेंगे. पीएम मोदी कुछ देर बाद अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन पर पहुंचेंगे. रेलवे स्टेशन के उद्घाटन के बाद पौने एक बजे एयरपोर्ट का उद्घाटन होगा. अपने अयोध्या दौरे के दौरान प्रधानमंत्री यहां 15,700 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे.
रामनगरी का होगा कायाकल्प
प्रधानमंत्री की परिकल्पना अयोध्या में आधुनिक विश्वस्तरीय अवसंचरना का विकास करना, कनेक्टिविटी में सुधार करना और शहर के समृद्ध इतिहास व विरासत के अनुरूप नागरिक सुविधाओं का कायाकल्प करना है. इसी के तहत भगवान राम की नगरी अयोध्या की पौराणिक सरयू नदी पर हेरिटेज रिवर फ्रंट का विकास होगा तथा अयोध्या स्मार्ट सिटी बनेगी.
प्रभु श्रीराम की अयोध्या को एक आध्यात्मिक केंद्र, वैश्विक पर्यटन स्थल और भव्य स्मार्ट सिटी के तौर पर डेवलप किया जा रहा है. शहर में एक नई ग्रीनफील्ड टाउनशिप भी बसाने की तैयारी है जिसमें भक्तों के लिए रहने की सुविधाएं जैसे कि आश्रम, होटल मठ आदि होंगे. इसके साथ ही सरयू नदी और उसके घाटों पर बुनियादी ढांचे के विकास पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है.
हर रोज आएंगे तीन लाख श्रद्धालु!
अयोध्या में अगले महीने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद रोज लगभग 3 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है. ऐसे में श्रद्धालुओं की इस भीड़ और उनकी ढांचागत और अन्य ज़रूरतों को पूरा करने के लिए मास्टर प्लान 2031 के अनुसार अयोध्या का पुनर्विकास करने और पवित्र शहर को उन्नत करने के लिए 85300 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ 10 वर्षों में पूरा किए जाने का लक्ष्य है.
सूत्रों के अनुसार योजना इस तरह तैयार की गई है ताकि अयोध्या शहर एक वैश्विक पर्यटन स्थल बन सके. राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए तैयार हो सके. अयोध्या शहर के लिए आर्किटेक्ट सी पी कुकरेजा ने मास्टर प्लान और विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है. इसमें कहा गया है कि शहर में हॉस्पीटिलिटी और उससे जुड़ी इंडस्ट्री की गतिविधियों में कई गुना बढोत्तरी होगी. इसी को ध्यान में रख कर इसे तैयार किया गया है.अयोध्या क्षेत्रीय आर्थिक विकास के लिए पर्यटन ग्रोथ इंजन काम करेगा और यह शहर पर्यटन के लिए मेगा सेंटर बनेगा.
बदल जाएगी अयोध्या की तस्वीर
डेवलपमेंट विजन में अयोध्या विकास अथॉरिटी के 875 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यटन विकास का लक्ष्य है. इसमें मौजूदा मास्टर प्लान के मुताबिक 133 वर्ग किलोमीटर के शहरी क्षेत्र और 31.5 वर्ग किलोमीटर का कोर सिटी क्षेत्र शामिल है. 1200 एकड़ की नई टाउनशिप बनाना भी हिस्सा है.इस परियोजना का लक्ष्य पर्यटन को केंद्र में रख कर आर्थिक विकास करना है. इसे आध्यात्मिक, पारंपरिक स्वास्थ्य सेवा, आवासीय पारंपरिक स्वास्थ्य सेवा, व्यावसायिक होटल आदि का निर्माण शामिल है ताकि अगले 100 साल के ग्रोथ पोटेंशिय़ल को ध्यान में रखा जा सके.
पर्यटकों के लिए आकर्षण के कई केंद्र होंगे जिनमें शामिल है-
जल, सीवर, बिजली, यातायात जैसे सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करना इस योजना में शामिल हैं. कुछ बेहतरीन अंतरराष्ट्रीय शहर जैसे वैटिकन सिटी, वेनिस और कुछ भारतीय शहर जैसे अमृतसर, वाराणसी, मदुरै और तिरुपति आदि के अनुभव के आधार पर विकास योजना बनाई गई है. इमारतों के बाहरी हिस्सों के रंग तथा वास्तुकारी को सांस्कृतिक धरोहर के हिसाब से ढाला जाएगा.