
उत्तर प्रदेश के जालौन से एक हृदयविदारक खबर सामने आई, जहां एक बुजुर्ग शख्स अपनी पत्नी के निधन का गम नहीं बर्दाश्त कर सका और कुछ घंटे बाद ही उसने भी प्राण त्याग दिए. जैसे ही पत्नी को चिता पर लिटाया गया, उसी टाइम पति ने भी दम तोड़ दिया. घटना से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. वहीं, इलाके के लोग पति-पत्नी के प्रेम की मिसाल दे रहे हैं. फिलहाल, घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.
दरअसल, पूरा मामला जालौन नगर के मोहल्ला हिरदेशाह का है, जहां मगनलाल प्रजापति (78) पत्नी पार्वती देवी (74) व अपने तीन बेटों अनूप, अशोक कुमार और अरूण कुमार के साथ रहते थे. पूरा परिवार हंसी-खुशी रह रहा था. लेकिन बीते दिनों तेज गर्मी के कारण मगनलाल की पत्नी पार्वती को बुखार आ गया और उनकी हालत बिगड़ने लगी.
परिवार के लोग बीते सोमवार को उन्हें चिकित्सालय ले गए, मगर उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ. इस बीच हालत गंभीर होने पर उन्हें हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया. परिजन अभी रास्ते में ही थे कि पार्वती की मौत हो गई. ये खबर जैसे ही पति मगनलाल को मिली वो बेचैन हो उठे. उन्हें गहरा सदमा लगा.
जैसे ही पत्नी का शव घर पहुंचा वो फफक पड़े. अंतिम विदाई के वक्त उनकी हालत भी बिगड़ने लगी. वे श्मशान घाट तक नहीं जा सके. इस बीच जैसे ही पत्नी पार्वती देवी को श्मशान घाट पर चिता पर लिटाया गया, घर में गमगीन बैठे पति मगनलाल ने दम तोड़ दिया. जैसे ही इसकी खबर घाट पर मौजूद बेटों को लगी वे भागकर घर पहुंचे. आखिर में पति-पत्नी का एकसाथ अंतिम संस्कार किया गया.
पति-पत्नी के लिए एक ही चिता बनायी गई तथा उनके बड़े बेटे अनूपचंद्र उसे मुखाग्नि दी. एकसाथ पति और पत्नी के अंतिम संस्कार की घटना नगर में चर्चा का विषय बनी हुई है. निर्जला एकादशी के दिन दंपति की मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही है तथा लोग अपने-अपने तरीके से इसके मायने निकाल रहे हैं. उधर, माता-पिता की मौत के बाद पूरा परिवार गमगीन है.