आईआईटी कानपुर में शोध कर रही 26 साल की छात्रा के साथ रेप के आरोप में फंसे पूर्व सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) मोहसिन खान के पीएचडी में दाखिले को रद्द कर दिया है. यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशालय यानी की डीजीपी मुख्यालय की सिफारिश पर की गई है.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक मोहसिन खान 2013 बैच के अधिकारी हैं और वो आईआईटी कानपुर से साइबर क्राइम और क्रिमिनोलॉजी में पीएचडी कर रहे थे. संस्थान के निदेशक मनींद्र अग्रवाल ने बताया कि पुलिस विभाग से चिट्ठी मिलने के बाद संस्थान ने खान के पीएचडी दाखिले को तुरंत समाप्त कर दिया है.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल 26 साल की छात्रा ने 24 दिसंबर को मोहसिन खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, छात्रा ने अपनी शिकायत में कहा था कि मोहसिन खान ने खुद को अविवाहित बताकर दोस्ती की और शादी का झांसा देकर संबंध बनाए. जब उसने शादी की बात की, तो मोहसिन खान उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा. डर के कारण पीड़िता ने खुद को हॉस्टल में बंद कर लिया था.
पीड़िता ने उन पर आपराधिक धमकी और मानहानि का भी आरोप लगाया गया था. पीड़िता ने बताया कि खान ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट शेयर कर उसे बदनाम करने की कोशिश की थी.
जांच के लिए एसआईटी गठित
पीड़िता ने मामले की शिकायत आईआईटी प्रशासन, निदेशक और प्रोफेसरों से की, जिन्होंने उसे हरसंभव मदद का आश्वासन दिया. इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है, जिसकी अगुवाई एडीसीपी (ट्रैफिक) अर्चना सिंह कर रही हैं. पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) अंकिता शर्मा ने कहा कि जांच टीम को तथ्यों और सबूतों के आधार पर जल्द कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
आरोपी को बयान देने के लिए 48 घंटे का समय
एसआईटी ने मोहसिन खान को बयान दर्ज कराने के लिए 48 घंटे का समय दिया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने यह सुनिश्चित किया है कि जांच निष्पक्ष और सटीक तरीके से हो. यह मामला कानपुर से लेकर लखनऊ तक सुर्खियों में बना हुआ है.