सिम बॉक्स के जरिए कानपुर में चल रहे अवैध टेलीफोन एक्सचेंज के मामले में उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (यूपी एटीएस) में अहम खुलासा हुआ है. सबसे ज्यादा प्रीएक्टीवेटेड सिम पटना के रिटेलर ने मुहैया कराए थे. यूपी एटीएस को छापेमारी में बरामद हुए प्रीएक्टीवेटेड से कानपुर और पटना के रिटेलर ने सप्लाई किए थे.
सिम बॉक्स को कोरियर के जरिए मुंबई से नाजिम नसीम खान उर्फ नाजिम पटेल ने भेजा था. यूपी एटीएस ने नाजिम नसीम की गिरफ्तारी के लिए मुंबई एटीएस से मदद मांगी. मुंबई में रहकर नाजिम नसीम कानपुर में अवैध टेलिफोन एक्सचेंज चलवा रहा था. एनीडेस्क एप के जरिए नाजिम नसीम टेलीफोन एक्सचेंज पर पूरा कंट्रोल रखता था.
सिम सप्लाई करने वाले रिटेलर से पूछताछ के लिए यूपी एटीएस की टीम पटना जाएगी. इससे पहले शनिवार को एटीएस ने अवैध टेलीफोन एक्सचेंज संचालित करने वाले दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया. अच्छी संख्या में प्री-एक्टीवेटेड सिमकार्ड समेत अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरण भी बरामद किए है. कानपुर के तीन स्थानों पर अवैध टेलीफोन एक्सचेंज संचालित मिले.
दरअसल, इंटरनेशनल गेटवे को बाईपास करने के कारण कॉलर की पहचान करना संभव नहीं होता, जिससे रेडिकलाइजेशन, हवाला, टेरर फंडिंग संबंधी बातों की संभावनाएं बनी रहती है और साथ ही साथ राजस्व की क्षति भी होती है. यूपी एटीएस ने आतंकवादी घटनाओं एवं स्लीपर सेल द्वारा इस प्रकार पहचान छिपाकर कॉल करने वाले लोगों पर कार्रवाई करते हुए कानपुर में तीन स्थानों पर अवैध टेलीफोन एक्सचेंज को चिन्हित कर उन पर कार्रवाई की.
इस मामले में दो आरोपी मिर्जा असद और शाहिद जमाल को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से टेलीफोन एक्सचेंज के 13 सिम बॉक्स और 4000 प्रीएक्टीवेटेड सिम कार्ड मॉडेम राउटर मोबाइल आदि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए हैं.
गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया कि गैंग के नजीम खान, जो मुंबई का रहने वाला है.
नजीम नसीम इनकी टीम को सहयोग प्रदान करता था और इंटरनेट के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय कॉल्स को इंटरनेशनल गेटवे बायपास करवाकर सिम बॉक्स पर लैंड करवाता था, जिससे कॉल्स परिवर्तित हो जाती थी और फोन कर रहे व्यक्ति का स्थान और नंबर कुछ और दिखाता था, जिससे कि कॉलर की पहचान नहीं हो पाती थी.