लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी दो दिन के दौरे पर गुरुवार को अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली पहुंचे. राहुल गांधी सुबह 10 बजे लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे. यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने राहुल गांधी का स्वागत किया. इस दौरान अमेठी के कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा भी मौजूद रहे. इससे पहले राहुल गांधी 5 नवंबर, 2024 को रायबरेली आए थे. लोकसभा चुनाव के बाद से राहुल का रायबरेली का यह चौथा दौरा है.
लखनऊ एयरपोर्ट से राहुल गांधी सड़क मार्ग से रायबरेली पहुंचे और यहां हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की. इसके बाद राहुल मूल भारती छात्रावास पहुंचे, यहां दलित छात्रों से संवाद किया. उन्होंने छात्रों से कहा- देश में हर रोज कानून तोड़ा जा रहा है, इसलिए आपकी बात सुनने और समझने आया हूं. बातचीत के दौरान राहुल गांधी के सामने एक युवा छात्र ने बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती की तारीफ की.
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छात्रों के बीच जननायक
📍 रायबरेली, यूपी pic.twitter.com/cVqa20YLan
— Congress (@INCIndia) February 20, 2025
छात्र ने कहा- कांशीराम ने दलितों के लिए काम किया. उसके बाद मायवाती के द्वारा उनके काम को बढ़ाया गया, वह भी दलितों के लिए काम कर रही हैं. इस पर राहुल गांधी ने कहा, 'मैं भी मानता हूं कांशीराम से नींव रखी, बहनजी (मायावती को बसपा में बहनजी कहकर संबोधित किया जाता है) ने काम किया. मैं भी मानता हूं. लेकिन आजकल बहन जी ठीक से चुनाव क्यों नहीं लड़ रही हैं?'
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राहुल गांधी ने आगे कहा, 'हम चाहते थे बहन जी बीजेपी के विरोध में हमारे साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़े. मगर उन्होंने किसी कारण से हमारे साथ मिलकर नहीं लड़ा. अगर तीनों पार्टियां (सपा, बसपा और कांग्रेस) एक साथ आतीं, तो बीजेपी कभी नहीं जीत सकती थी. मायावती साथ क्यों नहीं आईं? अगर आतीं तो हम जीत जाते.'
राहुल गांधी ने मूल भारती छात्रावास पहुंचने से पहले बछरावां में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. उन्होंने कहा- बीजेपी ने जीएसटी और नोटबंदी कर देश में बेरोजगारी बढ़ाई है. केंद्र सरकार ईमानदारी से काम करे, तो करोड़ों युवाओं को रोजगार मिल सकता है. इस दौरान उनसे पत्रकारों ने पूछा कि क्या आप महाकुंभ में स्नान करने जाएंगे? इस सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने पत्रकारों से कहा- नमस्कार और आगे बढ़ गए.
लोकसभा चुनाव 2024 में यूपी में क्या थे आंकड़े
बता दें कि 2024 के लोकसभा चुनाव यूपी में सपा और कांग्रेस इंडिया ब्लॉक के बैनर तले साथ मिलकर लड़े थे. वहीं बीजेपी, अपना दल, आरएलडी, सुभासपा और निषाद पार्टी एनडीए के बैनर तले गठबंधन में चुनाव लड़े थे. मायावती की बसपा अकेले चुनाव लड़ी थी. यूपी में इंडिया ब्लॉक ने 43 सीटें जीती थीं, जिसमें सपा ने 37 और कांग्रेस ने 6 सीटें जीतीं. वहीं एनडीए ने 36 सीटें जीती थीं, जिसमें बीजेपी ने 33, आरएलडी ने 2 और अपना दल ने 1 सीट जीती थी. बसपा खाता नहीं खोल सकी थी.
अगर वोट शेयर की बात करें तो बीजेपी को 41.37% मत मिले थे. सपा को 33.59% वोट मिले थे. कांग्रेस को 9.46% वोट मिले थे. बहुजन समाज पार्टी को 9.39% वोट मिले थे. लोकसभा चुनाव 2024 के मत प्रतिशत के परिप्रेक्ष्य में यदि राहुल गांधी की बात पर गौर करें तो, बसपा के इंडिया ब्लॉक में शामिल होने से यूपी में सीटों का गणित बहुत हद तक बदल सकता था. इससे दलित वोट बैंक बड़े पैमाने पर इंडिया ब्लॉक के पक्ष में लामबंद होता और बीजेपी के लिए मुश्किलें बढ़ जातीं.