भारतीय रेलवे को देश की लाइफलाइन माना जाता है. इससे रोजाना करोड़ों लोग यात्रा करते हैं. इन यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी रेल प्रशासन की है. लोगों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के साथ-साथ ये सामान ढोने में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला परिवहन है. हालांकि, कई बार ट्रेनों या स्टेशनों से ऐसे मामले सामने आ जाते हैं, जिससे रेलवे की साख पर बट्टा लग जाता है. ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के लखनऊ से भी सामने आ रहा है.
पैंट्री कार संचालकों को सिर्फ अच्छी क्वालिटी की वस्तुओं की बिक्री का निर्देश
यात्रा के दौरान अधिकतर यात्री ट्रेन के पैंट्री कार से ही खाने-पीने की वस्तुएं खरीदते हैं. इन पैंट्री कार संचालकों को अच्छी क्वालिटी की वस्तुएं ही बेचने का निर्देश है. हालांकि, इसको लेकर इन संचालकों के ऊपर कई बार घटिया सामान बेचने की शिकायत हो चुकी है. दोषी पाए जाने पर कुछ पैंट्री कार संचालकों का लाइसेंस निरस्त कर उनपर जुर्माना भी लगाया जा चुका है.
घटिया सामान बेचने पर 80 हजार रुपये का जुर्माना
लखनऊ में नॉर्दन जोन की सीनियर डीसीएम रेखा शर्मा ने किसान एक्सप्रेस में निरक्षण किया. इस दौरान ट्रेनों में घटिया सामान बेचने पर पैंट्री कार संचालक पर 80 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया. निरीक्षण के दौरान किसान एक्सप्रेस के पैंट्री कार में भारी गंदगी पाई गई. इस पर डीसीएम रेखा शर्मा ने भारी नाराजगी जताई. इसके अलावा नॉर्थ रेलवे के डीआरएम सुरेश कुमार सपरा ने टिकट काउंटर ,एक स्टेशन एक उत्पाद के स्टाल सहित एमरजेंसी नंबर का भी निरक्षण किया.