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महाकुंभ नहीं पहुंच सके हादसे में घायल विदेशी श्रद्धालु, कानपुर के डॉक्टरों को पता चला तो हॉस्पिटल में ही मंगवाया संगम का जल

Kanpur News: महाकुंभ (Mahakumbh) में स्नान के लिए लंदन से आए श्रद्धालुओं में से कुछ दुर्भाग्यवश दुर्घटना का शिकार हो गए और संगम स्नान से वंचित रह गए, लेकिन कानपुर के हैलट हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने अनोखा तरीका निकाला और अस्पताल में ही त्रिवेणी स्नान का पुण्य लाभ दिलाया. डॉक्टरों ने संगम स्नान कर लौटे स्टाफ के पास से पवित्र जल मंगाया और घायल श्रद्धालुओं को त्रिवेणी स्नान कराया.

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अस्पताल में भर्ती घायल श्रद्धालु. (Screengrab)
अस्पताल में भर्ती घायल श्रद्धालु. (Screengrab)

महाकुंभ में स्नान (Kumbh Mela 2025 Sangam Snan) करने के इरादे से लंदन से आए कुछ श्रद्धालु बदकिस्मती से दुर्घटना का शिकार हो गए. इसके बाद उन्हें कानपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया. जब अस्पताल में डॉक्टरों को पता चला कि ये लोग विदेश से आए हैं और कुंभ जा रहे थे तो डॉक्टर ने उनकी भावना का सम्मान करते हुए संगम का पवित्र जल मंगवाया और श्रद्धालुओं को त्रिवेणी स्नान कराया.

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जानकारी के अनुसार, लंदन में रहने वाले एसके दास और उनका परिवार 16 फरवरी को प्रयागराज कुंभ के लिए दिल्ली-कोलकाता हाईवे से होते हुए जा रहे थे. इसी दौरान रास्ते में कानपुर के महाराजपुर क्षेत्र में उनकी ट्रैवलर गाड़ी का भीषण एक्सीडेंट हो गया, जिसमें 10 लोग घायल हो गए. घायलों में चार महिलाएं भी शामिल थीं. सभी घायलों को कानपुर के मेडिकल कॉलेज स्थित हैलट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया.

अस्पताल प्रशासन ने घायलों का इलाज किया. सभी घायल कुंभ स्नान न कर पाने से निराश थे. जब इस बारे में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला को जानकारी मिली, तो उन्होंने अपने स्टाफ से पता कराया कि कौन-कौन संगम स्नान कर चुका है और किसके पास संगम का पवित्र जल है. इस दौरान पता चला कि स्टाफ नर्स अर्चना पांडे कुंभ में स्नान करके आईं हैं. उनके पास संगम का जल मौजूद था. इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने पवित्र जल से सभी एनआरआई श्रद्धालुओं को त्रिवेणी स्नान कराया. इससे सभी खुश नजर आए.

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हादसे में घायल एसके दास ने कहा कि हम लोग यूके से कुंभ स्नान के लिए आए थे, लेकिन दुर्भाग्यवश दुर्घटना का शिकार हो गए. डॉक्टरों ने न केवल हमारा बेहतर इलाज किया, बल्कि हमारी आस्था का भी ध्यान रखा और संगम स्नान की हमारी मनोकामना पूरी की. हम उनके बहुत आभारी हैं. 

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने कहा कि ये एनआरआई भले ही विदेश में रहते हों, लेकिन उनके दिलों में भारतीय आस्था और संस्कार बसे हुए हैं. घटना के कारण वे संगम स्नान नहीं कर सके, इसलिए हमने उन्हें संगम का पवित्र जल उपलब्ध कराकर उनकी श्रद्धा का सम्मान किया. फिलहाल, पांच घायलों को डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि बाकी गंभीर रूप से घायल मरीजों का इलाज अभी जारी है. अस्पताल में ही उन्हें संगम स्नान का पुण्य लाभ दिलाकर उनकी आस्था का सम्मान किया गया.

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