UP News: कानपुर के काकादेव इलाके में हॉस्टल में बंधक बनाकर जिस छात्र की क्रूरता से पिटाई की गई थी, उसने बताया है कि इस घटना को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी के पास पुलिस की पिस्टल और पट्टा था. छात्र के इस बयान पर डीसीपी सेंट्रल आरएस गौतम ने कहा कि आरोपियों का पुलिस से कोई संबंध नहीं है. आरोपियों के पास से कोई पिस्टल नहीं मिली है.
पीड़ित छात्र का कहना है कि तनय चौरसिया नाम का दबंग आरोपी मुझे पकड़कर अपने हॉस्टल ले गया था, जहां पहले से ही 10-12 लोग थे, जिन्होंने बारी-बारी मुझे पीटा और जलाने की कोशिश की. उसके बाद नंगा करके अश्लीलता भी की और मेरे साथ कुकर्म किया. जब उससे पूछा गया कि क्या इस दौरान उनके पास कोई हथियार भी था तो उसने कहा कि तनय के पास पुलिस वाले की पिस्टल थी और पट्टा था, जिससे मुझे पीटा गया था. जब उससे पूछा गया कि क्या इस दौरान कोई पुलिस वाला भी उनसे मिलने आया था तो छात्र ने इससे इनकार कर दिया.
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दरअसल जिस तरह काकादेव इलाके में कोचिंग छात्र को छह दिन पकड़कर अलग-अलग जगह पर रखा गया, उस तरह देखें तो लगता है कि आरोपियों की पहुंच तो कहीं न कहीं थी. हालांकि जब डीसीपी सेंट्रल आरएस गौतम से इसको लेकर पूछा गया तो उन्होंने इस तरह के आरोपों को नकारते हुए कहा कि अभी तक आरोपियों के पुलिस से कोई संबंध नहीं निकले हैं.
उन्होंने कहा, पुलिस की पिस्टल की बात गलत है और आरोपियों के पास कोई पिस्टल नहीं मिली है जो पट्टा पीड़ित बता रहा है वह पुलिस का पट्टा नहीं था, बल्कि तनय के घर में गेहूं की बोरी रखी थी उसी में बोरी को पट्टे से बांधा गया था. यह वही पट्टा था जिसको उसने खोलकर छात्र को पीट दिया था.
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पुलिस पर उठ रहे हैं कई सवाल
हालांकि इस मामले में कानपुर पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि यह घटना 20 से 30 अप्रैल के बीच की है. जब इन लोगों ने 31 वीडियो बनाए और घर वालों से पैसे मांगते हुए धमकी देते रहे, लेकिन उस समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबतक सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल नहीं हो गए. उसके बाद इटावा पुलिस हरकत में आई तो कानपुर पुलिस ने एक्शन लिया.
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क्या है पूरा मामला?
इटावा का रहने वाला एक छात्र कानपुर में सरकारी नौकरी की तैयारी करने आया था. यहां कुछ युवकों ने 20 हजार रुपयों की वसूली के लिए उसे लात-घूसों से बुरी तरह पीटा. जब इससे भी मन नहीं भरा तो उन्होंने छात्र के कपड़े उतरवाकर प्राइवेट पार्ट में ईंट बांध कर जबरदस्ती उसका वीडियो बनाया. इसके बाद उसे आग से जलाने की कोशिश भी की. छात्र ने दावा किया है कि चार आरोपियों ने मारपीट के साथ कुकर्म भी किया, लेकिन पुलिस ने उसकी धारा नहीं लगाई. दरअसल ऑनलाइन गेम खेलने के लिए पीड़ित ने उन युवकों से 20 हजार रुपये उधार लिए थे, जो वो चुका नहीं पाया था. इसके बाद वो 50 हजार रुपयों की मांग कर रहे थे.
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11 के खिलाफ केस, 6 गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है जिसके बाद छह आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है. कानपुर के डीसीपी सेंट्रल आरएस गौतम ने बताया कि बाकी बचे हुए आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए कई पुलिस टीम बनाई गई है.