
कानपुर में कारोबारी की पत्नी की हत्या कर लाश को गड्ढा खोदकर दफनाने के आरोपी विमल सोनी के बारे में नई जानकारी सामने आई है. पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि जिम ट्रेनर विमल सोनी 'मिस्टर कानपुर' और 'मिस्टर यूपी' तक रह चुका है. उसने 'मिस्टर इंडिया' प्रतियोगिता में भी भाग लिया था. हालांकि, टाइटल नहीं जीत सका. जिम की वजह से विमल की सोशल मीडिया पर अच्छी-खासी फैन फॉलोइंग थी. उसकी कद काठी और गठीले बदन को देखकर लोग उससे प्रभावित हो जाते थे और उससे जिम ट्रेनिंग लेना चाहते थे.
जांच-पड़ताल के दौरान सामने आया कि जिम ट्रेनर विमल के सोशल मीडिया अकाउंट पर पुरुषों से ज्यादा महिला मित्रों की संख्या थी. 4 महीने पहले (24 जून) कारोबारी की पत्नी एकता गुप्ता की हत्या करने के बाद उसने अपने सारे सोशल मीडिया अकाउंट बंद कर दिए थे.
बताया जा रहा है कि जिम ट्रेनिंग के दौरान ट्रेनर विमल सोनी ने शादीशुदा एकता को अपने जाल में फंसा लिया. फिर दोनों के बीच नजदीकी बढ़ गई. बाद में हालात ऐसे बने कि विमल ने एकता की हत्या कर दी और उसकी लाश को डीएम बंगले के पास गड्ढा खोदकर दफना दिया. लेकिन 4 महीने बाद वो पकड़ा गया. इस दौरान एकता की लाश सड़ चुकी थी. पुलिस ने बीते दिन उसका पोस्टमार्टम कराया.
क्यों की थी एकता की हत्या?
हालांकि, पकड़े जाने के बाद जिम ट्रेनर विमल का कहना है कि एकता खुद ही उसकी तरफ झुक गई थी. एकता ना तो खुद मुझसे शादी कर रही थी ना ही मुझे शादी करने दे रही थी. इसी विवाद के चलते उसे रास्ते हटाना पड़ा.
विमल सोनी ने बताया 2010 से पहले वह 'मिस्टर कानपुर' का बॉडी बिल्डर खिताब जीत चुका था फिर 'मिस्टर यूपी' का खिताब भी जीता था. 2010 में उसने मुंबई में 'मिस्टर इंडिया' बॉडी बिल्डर प्रतियोगिता में भाग लिया था लेकिन वहां पांचवें नंबर तक पहुंचने के बाद बाहर हो गया था. उसके बाद वह कानपुर आया और एक होटल में वेटर का काम किया.
इस दौरान कानपुर के पूर्व डीएम को उसके 'मिस्टर कानपुर' व 'मिस्टर यूपी' होने का पता चला तो उन्होंने उसको डीएम बंगले के बगल में बने ऑफिसर्स क्लब में उसे जिम ट्रेनर की नौकरी पर रखवा दिया. लेकिन कुछ समय बाद अधिकारियों से बदतमीजी करने पर उसको हटा दिया गया. इसके बाद फिर विमल ने एक आईएएस अधिकारी से अपने संबंधों का हवाला देकर सिफारिश लगवाई तो उसको ग्रीन पार्क में जिम ट्रेनर की नौकरी मिल गई.
मालूम हो कि 24 जून को विमल सोनी ने एकता गुप्ता की ग्रीन पार्क स्टेडियम के पार्किंग में खड़ी अपनी कार में ही हत्या कर दी थी. हत्या करने से पहले उसने नशीली गोली दी थी जिससे वह बेहोश हो गई थी. उसने एकता के गले में एक पंच मारा, फिर रस्सी से उसका गला घोट दिया. आखिर में बॉडी को ले जाकर डीएम बंगले से सटे ऑफिसर्स क्लब में दफना दिया.
कानपुर के डीसीपी एसके सिंह के मुताबिक, एकता की हत्या करने के बाद फरार होने के दौरान विमल पंजाब के एक होटल में वेटर बनकर काम कर रहा था. फिर कुछ समय इधर-उधर भटकता रहा. मोबाइल का यूज नहीं करता था.