कानपुर में एक हेड कॉन्स्टेबल (head constable) प्रचंड धूप में चक्कर खाकर गिर गया था. वहीं पास खड़ा दारोगा तड़पते हुए हेड कॉन्स्टेबल को अस्पताल ले जाने की बजाय वीडियो बनाता रहा था. इसके कुछ देर बाद अस्पताल में हेड कॉन्स्टेबल की मौत हो गई थी. इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इसको लेकर पुलिस पर भी सवाल उठ रहे थे. अब वीडियो बनाने वाले एसआई को लापरवाही के आरोप में क्लीन चिट दे दी गई है.
एजेंसी के अनुसार, कानपुर में तैनात 52 वर्षीय हेड कॉन्स्टेबल बृज किशोर 3 दिन की छुट्टी पर अपने घर झांसी जा रहे थे, लेकिन स्टेशन के बाहर ही भीषण गर्मी की वजह से बेहोश होकर गिर गए. इस दौरान एक दारोगा ने हेड कॉन्स्टेबल को तुरंत अस्पताल पहुंचाने की बजाय वीडियो बनाना जरूरी समझा.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि हेड कॉन्स्टेबल ब्रजकिशोर की हीट स्ट्रोक से मौत हुई है. पुलिस अफसर का कहना है कि इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई.
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सहायक पुलिस आयुक्त (कलेक्टरगंज) मोहम्मद मोहसिन खान ने बताया कि रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात झांसी के रहने वाले ब्रजकिशोर मंगलवार को अपने घर जाने के लिए ट्रेन पकड़ने कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंचे थे. जब वे स्टेशन गेट पर पहुंचे तो उन्हें चक्कर आने लगे और वे किसी तरह पास की एक दुकान पर चले गए. वहां हीट स्ट्रोक के कारण वे बेहोश हो गए.
एसीपी ने बताया कि बाद में ब्रजकिशोर को पास के पुलिस बूथ पर ले जाया गया, जहां सब-इंस्पेक्टर जग प्रताप सिंह उनकी मदद के लिए आए. जांच के दौरान पता चला कि एसआई ने ब्रजकिशोर को पानी पिलाया था और उनकी जान बचाने के लिए कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन भी किया था.
एसआई ने वीडियो बनाकर कॉन्स्टेबल से जानकारी मांगी थी कि क्या उनके साथ कोई अप्रिय घटना हुई है. एसआई उन्हें अस्पताल भी ले गया था, जहां इलाज के दौरान ब्रजकिशोर की मौत हो गई. जब एसआई कॉन्स्टेबल के स्वास्थ्य के बारे में पूछताछ कर रहा था तो किसी ने वीडियो बनाकर उसे शेयर कर दिया.