इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर देहात में कब्जा हटाने के दौरान महिला और उसकी बेटी की जलने से हुई मौत मामले में दाखिल एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से जांच की प्रगति रिपोर्ट मांगी है. इसके साथ ही कोर्ट ने गृह सचिव से भी इस मामले में हलफनामा भी मांगा है. कोर्ट 16 मार्च को मामले में सुनवाई करेगी.
दरअसल, यह आदेश जस्टिस एम.के गुप्ता की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने अवनीश कुमार पांडे की तरफ से दाखिल जनहित याचिका पर पारित किया गया है. याचिका दाखिल कर मांग की गई है कि कोर्ट सरकार द्वारा जारी जांच में स्वयं हस्तक्षेप कर इसकी मानिटरिंग करें.
प्रदेश सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि शासन ने इस घटना के बाद तत्काल कार्रवाई की है.
सरकार की तरफ से बताया गया कि अधिकारियों को निलंबित किया गया है तथा दोषियों के खिलाफ हत्या तथा हत्या के प्रयास की प्राथमिकी भी दर्ज करा दी गई है. सरकार ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के साथ साथ इस घटना की मजिस्ट्रेटिएल जांच का भी आदेश जारी किया है और मृतक के परिवार को 5 लाख रुपए दिया गया है.
यह है मामला
मड़ौली गांव में रहने वाले कृष्ण गोपाल दीक्षित पर ग्राम समाज की जमीन पर अतिक्रमण करने का आरोप था. जनवरी में राजस्व विभाग की टीम ने कृष्ण गोपाल के खिलाफ जमीन पर कब्जा करने का मामला दर्ज कराया था. इसी सिलसिले में एसडीएम मैथा ज्ञानेश्वर प्रसाद के नेतृत्व में राजस्व विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीम वहां अतिक्रमण हटाने पहुंची थी.
महिला चिल्ला रही थी- इन लोगों ने आग लगा दी
टीम ने वहां पहुंचकर कृष्ण गोपाल की झोपड़ी पर बुलडोजर चलवा दिया. झोपड़ी पर बुलडोजर एक्शन के दौरान परिवार की प्रशासन से नोकझोंक हुई. इस दौरान झोपड़ी में आग लग गई और देखते ही देखते कृष्ण गोपाल की पत्नी प्रमिला दीक्षित और 23 साल की बेटी नेहा जिंदा जल गईं. इस घटना का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें महिला को यह कहते हुए सुना जा सकता था कि इन लोगों ने आग लगा दी है.
प्रशासन ने दी थी यह सफाई
इस मामले पर पुलिस-प्रशासन ने भी सफाई दी थी. कानपुर देहात के पुलिस अधीक्षक ने बताया था कि अतिक्रमण हटाने के लिए एक टीम पहुंची थी. कार्रवाई शुरू होने के बाद महिला और उसकी बेटी ने खुद को झोपड़ी में बंद करके आग लगा ली. हादसे में दोनों की मौत हो गई. मामले की जांच की जा रही है. पूछताछ भी जारी है, जो भी आरोपी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी.