नोएडा के डॉक्टर सिद्धार्थ चौधरी की पिटाई के आरोपों के बाद सुर्खियों में आए कानपुर के करौली बाबा संतोष सिंह भदौरिया सुर्खियों में बने हुए हैं. वो रोजाना नए-नए दावे कर रहे हैं. अब खबर है कि करौली शंकर बाबा ने अपनी एकदिवसीय हवन की फीस को लगभग दोगुना कर दिया है. अब एक दिन के हवन के लिए लोगों को 2.51 लाख रुपए देने पड़ेंगे.
नोएडा के एक डॉक्टर की पिटाई के मामले से सुर्खियों में आए करौली शंकर बड़ी-बड़ी समस्याओं को हवन अनुष्ठान से दूर करने का दावा करते हैं. वह हर तरह की बीमारियों और राजनीतिक उथल-पुथल को भी ठीक करने का दावा करते हैं.
बता दें कि एक दिन के हवन के लिए भारी-भरकम रकम लेने को लेकर उन पर सवाल उठते रहे हैं. लेकिन इन्हीं सवालों के बीच करौली बाबा ने एक दिन के हवन की फीस बढ़ा दी है.
'डॉक्टर को देते हैं, मुझे भी दो'
करौली बाबा का कहना है कि लोग डॉक्टर को भी इलाज के लिए फीस देते हैं. असाध्य बीमारियों के लिए लोग लाखों रुपये खर्च करते हैं. ठीक उसी तरह यहां भी फीस लगती है.
उन्होंने कहा कि अगर कोई यहां हवन करना चाहता है तो आश्रम की तरफ से 3500 रुपए की एक हवन किट दी जाती है. लोगों को कम से कम नौ हवन करने होंगे, जिसका खर्च 31,500 रुपए आएगा. अगर आप नौ दिनों तक आश्रम में रुकते हैं और खाना-पीना करते हैं तो उसका खर्च अलग से होगा. जो लोग नौ दिन का हवन नहीं कर सकते या जिन्हें जल्दी इलाज चाहिए, उनके लिए एक दिन का खर्च 1.51 लाख रुपये था, जिसे अब बढ़ाकर 2.51 लाख रुपए कर दिया गया है. बता दें कि हवन के ये बढ़े हुए रेट एक अप्रैल से लागू होंगे.
बयानों को लेकर चर्चा में हैं करौली बाबा
करौली बाबा संतोष सिंह भदौरिया इन दिनों अपने बयानों के लिए चर्चा में बने हुए हैं. हाल ही में उन्होंने रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को लेकर एक बड़ी टिप्पणी की थी. करौली बाबा का दावा है कि वे दोनों देशों के नेताओं की याददाश्त को मिटाकर युद्ध रोक सकते हैं.
विवादों से भी रहा है उनका नाता
बता दें, बीते दिनों करौली बाबा संतोष सिंह भदौरिया पर एक भक्त ने मारपीट का आरोप लगाया था. इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया था. इसमें देखा जा सकता है कि बाबा और पीड़ित के बीच बहस हो रही है. बताया जा रहा है कि बाबा के आश्रम में हर रोज तीन से चार हजार भक्तों की भीड़ पहुंचती है.
जानकारी के अनुसार, संतोष सिंह भदौरिया उर्फ करौली बाबा तब मशहूर हुए जब कोयला निगम का चेयरमैन बनकर लाल बत्ती मिली. हालांकि, यह रुतबा कुछ ही दिन रहा. करौली बाबा पर कई आपराधिक आरोप लग चुके हैं. उनके खिलाफ 1992-95 के बीच हत्या समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हुए थे.