कुछ दिन पहले तक बागेश्वर वाले बाबा चर्चा में बने थे, लेकिन अब उत्तर प्रदेश के कानपुर के करौली बाबा यानी करोली सरकार सुर्खियों में हैं. ये भी कहा जा सकता है कि बाबा के बाजार में एक और नए बाबा की एंट्री हो गई है. इनका भी तिलिस्म कुछ कम नहीं. आश्रम में भक्तों का रेला है और बाबा के चमत्कार का खेला भी है. यूं तो इनका सारा काम धाम बहुत दिनों से चल रहा था, लेकिन बाबा के मार्केट में इनकी लॉन्चिंग अभी-अभी हुई है.
नाम है संतोष सिंह भदौरिया. मशहूर हैं बाबा करौली शंकर के नाम से. आश्रम यूपी के कानपुर में हैं. बाबा का दावा है कि ओम शिव कहकर बड़ी-बड़ी बीमारियां दूर कर देते हैं. तो ये हो गया बाबा का परिचय और उसी परिचय में बाबा की जिस खासियत का जिक्र किया गया है, वही बाबा की यूएसपी, जिसकी वजह से इनका नाम इस वक़्त खबरों और सुर्खियों में है. जानते हैं कैसे-
दावा है कि करौली बाबा बस ओम शिव बोलकर ऐसा कुछ कर देते हैं कि ब्रेन स्ट्रोक तक की याददाश्त खत्म हो जाती है. दावा यही है कि इस एक जप से दिमाग में नए सेल बन जाते हैं. अब डॉक्टर या मेडिकल साइंस कुछ भी कहे, मगर दावा तो ये है कि बाबा करौली उर्फ संतोष सिंह भदौरिया एक ही झटके में लंबाई तक बढ़ा देते हैं. बाबा एक और चमत्कार दिखाते हैं, जिसमें वो शरीर के भीतर घुसे किसी दूसरे धर्म के नागरिक की आत्मा भी निकालकर बाहर करने का दावा करते हैं.
विवादों में घिरे संतोष सिंह भदौरिया उर्फ़ करौली बाबा से ख़ास बातचीत
आजतक के कैमरे पर बाबा ने दिखाया लाइव 'चमत्कार'...
(@Simerchawla20)#Kanpur #KarauliBaba #ATVideo #LunchBreak | @nehabatham03 pic.twitter.com/XeekD1nGh7— AajTak (@aajtak) March 22, 2023
बाउंसरों ने दिखा दी ताकत
करौली बाबा अपने यू-ट्यूब चैनल के वीडियोज में खूब चमत्कार करते हैं. इन्हीं चमत्कारों पर नोएडा के डॉक्टर सिद्धार्थ चौधरी को शक हुआ. उन्होंने बाबा के सामने ही सवाल उठा दिया. बाबा के बाउंसर ये कैसे बर्दाश्त कर लेते कि जिनका दिया खा रहे हैं... उन्हें ही कोई उल्टा सीधा बोल जाए... लिहाजा बाउंसरों ने ताकत का इस्तेमाल किया और टेढ़ा बोलने वाले को सीधा कर दिया. चैलेंज करने वाले को चांटा मारा और उसके बाद तो बाबा के बाउंसरों ने जमकर अपना हुनर दिखाया.
बाउंसरों से पीटने के बाद डॉ. सिद्धार्थ चौधरी का नाक टूट गया और उनके सिर पर गहरा जख्म आया है. बेटे को दर्द मिला तो पिता ने करौली बाबा की पूरी कहानी लोगों के सामने बता दी. डॉ. वीरेंद्र चौधरी ने कहा कि हम कानपुर देहात पहुंचे थे, बाबा से चमत्कार दिखाने के बात को लेकर बेटे की बहस हुई, उसके बाद उनके समर्थकों ने बेटे के साथ खूब मारपीट की, कानपुर में ही एक जानकार के अस्पताल में बेटे के सिर में टांका लगवाया.
बेटे की पिटाई पर बोले पिता- फ्रॉड बाबाओं हो कार्रवाई
डॉ. सिद्धार्थ चौधरी के पिता डॉ. वीरेंद्र चौधरी ने कहा कि नोएडा वापस आने के बाद कुछ दोस्तों ने उन्हें घटना के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने के लिए कहा, जिसके बाद करौली बाबा और उसके समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया. डॉ. वीरेंद्र ने आरोप लगाया है कि बाबा करौली खुद को किसान नेता बताता है और उसके ऊपर कई मुकदमे दर्ज है. डॉ. वीरेंद्र ने कहा कि ऐसे फ्रॉड बाबाओं के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए ताकि सनातन संस्कृति बनी रहे.
बेटे की पिटाई के बाद डॉ. वीरेंद्र सनातन संस्कृति को बचाने की अपील कर रहे हैं, जबकि खुद करौली बाबा उर्फ संतोष सिंह भदौरिया कह रहे हैं कि ये सनातन धर्म को नीचा दिखाने वाली साजिश है. अपनी बात का सिक्का ज़रा मजबूती से पड़े इसलिए वजन देने के लिए बाबा जी सनातन धर्म को बीच में खींच लाए. अपने दामन पर लगे आरोपों के दाग को बाबा ने सनातन धर्म के खिलाफ साजिश का चोला ओढ़ा दिया.
पहले डॉक्टर, फिर किसान नेता और अब बाबा
बाबा करौली के चमत्कार तो दिख गए लेकिन बाबाजी आखिर बाबा बने कैसे? ये यात्रा भी बड़ी ही दिलचस्प है. तो चलिए एक नज़र जरा इस पर भी डाल लेते हैं. नाम तो पहले ही बता दिया था संतोष भदौरिया, लेकिन ये भदौरिया साहब आखिर बाबा के चोले में कैसे नज़र आने लगे? ये बहुत दिलचस्प है. पहले संतोष भदौरिया साहब एक आयुर्वेद के डॉक्टर थे. इनकी डॉक्टरी कुछ खास चली नहीं तो किसान बन गए फिर जब किसानी में नाकाम हुए तो किसान नेता बन गए.
जब नेतागीरी भी नहीं चली तो एक छोटी सी ज़मीन पर शनि का मंदिर बनवा लिया और वहीं एक आश्रम. आयुर्वेद की डॉक्टरी थोड़ी बहुत आती थी. लिहाजा आश्रम में ही टोने टोटके और तंत्र-मंत्र के जरिए आयुर्वेद की जड़ी बूटियों से थोड़ा बहुत इलाज करने लगे. इस इलाज का डंका बजाने के लिए करौली बाबा नाम से यू-ट्यूब चैनल भी शुरू कर दिया. धीरे-धीरे बाबा की दुकान चल पड़ी और आज हर रोज 3 से 4 हजार लोग बाबा का दर्शन करने आते हैं.
करौली बाबा के यहां भक्तों का रेला आनने लगा तो उनका साम्राज्य काफी बड़ा हो गया. करौली बाबा बनने के बाद धन की वर्षा शुरू हो गई. इसके बाद संतोष बाबा ने तीन साल में करोड़ों का साम्राज्य खड़ा कर लिया. उनका आश्रम 14 एकड़ में फैला हुआ है. आश्रम में फाइव स्टार होटल जैसी फैसिलिटी है. आश्रम के अंदर ही होटल और फ्लाइट रेलवे की बुकिंग के काउंटर लगे हुए हैं. पूजा की सामग्री खरीदने के लिए अलग-अलग काउंटर बने हैं.