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कानपुर: SP विधायक इरफान सोलंकी के चाचा गिरफ्तार, जमीन कब्जाने और रंगदारी मांगने का आरोप

जमीन में आगजनी के मामले में जेल में बंद सपा विधायक इरफान सोलंकी के चाचा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. उनके चाचा इस्तिहाक सोलंकी पर जमीन कब्जाने और रंगदारी मांगने का आरोप है. मामला साल 2022 का है. पुलिस इस मामले की आगे की जांच कर रही है.

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पुलिस की गिरफ्त में SP विधायक इरफान सोलंकी के चाचा.
पुलिस की गिरफ्त में SP विधायक इरफान सोलंकी के चाचा.

कानपुर से समाजवादी पार्टी के विधायक इरफान सोलंकी की गिरफ्तारी के बाद भी उनकी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. जांच के बाद एक-एक करके पुलिस उनके घरवालों और रिश्तेदारों को गिरफ्तार कर रही है. अब कानपुर पुलिस ने उनके चाचा को जमीन कब्जाने और रंगदारी के मामले में गिरफ्तार किया है.

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जानकारी के मुताबिक, सपा विधायक इरफान सोलंकी के चाचा इस्तिहाक सोलंकी पर जमीन कब्जाने और रंगदारी मांगने का आरोप है. पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि मामला साल 2022 का है. पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है.

जमीन और रंगदारी के झूठे मामले में फंसाया जा रहा- इस्तिहाक

गिरफ्तारी के बाद आरोपी इस्तिहाक सोलंकी ने अपने आप को निर्दोष बताया. उसने कहा कि उसके ऊपर एक भी केस दर्ज नहीं है. उसे जमीन और रंगदारी के झूठे मामले में फंसाया जा रहा है. बता दें कि इससे पहले पुलिस ने सपा विधायक इरफान सोलंकी को अपनी पड़ोसी नगमा फातिमा की जमीन पर आगजनी के आरोप में गिरफ्तार किया था.

साथ ही विधायक के छोटे भाई रिजवान सोलंकी और उनके दो रिश्तेदार को भी पुलिस उनके साथ जेल भेज चुकी हैं. इसके बाद पुलिस ने मामले की आगे जांच करते हुए उसके पार्टनर शौकत और उसकी बेटी समेत करीब एक दर्जन से ज्यादा लोगों को जेल भेजा है.

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सपा विधायक की पत्नी की भी जांच जारी

वहीं, पुलिस इसके साथ ही इरफान सोलंकी की पत्नी नसीम सोलंकी की भी जांच कर रही है. वह कानपुर दंगे में आरोपी बिल्डर वसी की कंपनी में डायरेक्टर थी. वसी को कानपुर पुलिस ने 3 जून को हुए दंगे के आरोप में जेल भेजा था.

इरफान सोलंकी के खिलाफ 24 फरवरी से चल रहा है ट्रायल 

बताते चलें कि जाजमऊ डिफेंस कॉलोनी निवासी नजीर फातिमा के प्लॉट में बने अस्थाई मकान में 6 नवंबर 2022 को आग लग गई थी. फातिमा ने सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी समेत अन्य के खिलाफ घर जलाने का आरोप लगाते हुए थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी.

मामले की जांच कर रही पुलिस ने सपा विधायक और उनके भाई के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. इसके साथ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले की सुनवाई के लिए शासन में अपील की थी. ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शासन और जिला जज ने मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की सहमति दे दी थी. इस मामले में 24 फरवरी से ट्रायल शुरू हो चुका है, जो 6 महीने में खत्म होगा.

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