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कानपुर में एक सब्जी विक्रेता ने चौकी इंचार्ज और सिपाही पर वसूली और प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए अपनी जान दे दी. आत्महत्या के पहले उसने वीडियो बनाकर दो पुलिसवालों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है. मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस अधिकारी सख्त हो गए हैं. वहीं, आरोपित फरार हैं. पुलिस उनकी तलाश कर रही है.
एडिशनल सीपी हरीशचंद्र ने बताया कि आरोपित पुलिसकर्मी फरार हैं. उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं. जल्द ही आरोपित दारोगा और सिपाही गिरफ्तार कर लिए जाएंगे. इसके अलावा विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है. डीसीपी की निगरानी में ये जांच हो रही है. आरोपी दारोगा सतेंद्र कुमार यादव और सिपाही अजय यादव पर जांच के बाद एक्शन लिया जाएगा.
पुलिस का ये भी कहना है कि अगर जांच में वसूली की बात साबित हुई तो धारा-386 आईपीसी की बढ़ोतरी भी होगी. इस मामले में दारोगा के कई ऑडियो भी वायरल हुए हैं, जिसे पुलिस ने अपनी जांच में शामिल किया है. फिलहाल, पुलिस ने दोनों आरोपी पुलिसवालों के निलंबन के लिए निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिख दिया है. एडिशनल कमिश्नर की माने तो जल्द ही दोनों का सस्पेंशन मंजूर हो जाएगा.
गौरतलब है कि दारोगा और सिपाही पर आरोप है कि वो मृतक सब्जी विक्रेता सुशील से ना सिर्फ पैसे छीन लेते थे बल्कि उसके साथ गाली-गलौज भी करते थे. पुलिसवालों की हरकतों से परेशान होकर उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतक के भाई ने दारोगा और सिपाही के खिलाफ तहरीर दी है. पुलिस एफआईआर दर्ज जांच कर रही है.
इस मामले में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहा है. क्योंकि, पीड़ित पक्ष का दावा है कि जब सब्जी विक्रेता सुशील दारोगा की शिकायत करने अधिकारी के पास पहुंचा तो उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई. जिससे परेशान होकर उसने खौफनाक कदम उठा लिया.