उत्तर प्रदेश के कानपुर में स्थित करौली आश्रम में भक्त के साथ मारपीट के विवाद में घिरे करौली बाबा संतोष भदौरिया ने एक और दावा किया है. इस बार संतोष भदौरिया ने कहा है कि मैं अतीक अहमद के शूटरों को ढूंढ़ने में भी यूपी पुलिस की मदद कर सकता हूं. इसके लिए यहां आकर एक दिन अनुष्ठान करना होगा. बाबा ने यह भी कहा कि मैं भारत-पाकिस्तान के रिश्ते भी सुलझा सकता हूं. वहीं बाबा ने मारपीट के मामले को लेकर कहा कि कानपुर पुलिस यहां आई थी, भेंट नहीं हो पाई. मैं स्टेटमेंट देने को तैयार हूं. डॉक्टर पागल है.
ओम शिव बैलेंस बोलने को लेकर करौली बाबा ने कहा कि इसमें किसी को क्या दिक्कत है, यह मेरा शब्द है. बैलेंस से चीजें बैलेंस हो जाती हैं. बाबा ने कहा कि सपा शासनकाल में रहे यूपी के एक डीजीपी ने साजिश के तहत डॉ. सिद्धार्थ को आश्रम भेजा था. पूर्व डीजीपी में थाने में बैठकर मेरे खिलाफ एफआईआर लिखवाई. सपा के समय के कुछ IAS अधिकारियों ने भी साजिश की है. यह अधिकारी अखिलेश और मुलायम दोनों सरकारों में रहे हैं.
बाबा ने कहा कि अगर मेरे पास आएं, यहां आश्रम का अनुष्ठान करें तो भारत-पाकिस्तान के रिश्ते सुलझा सकता हूं. मेरे आश्रम में आने वाले में कोरोना से कोई नहीं मरा, दावा करता हूं. करौली बाबा ने कहा कि सनातन क्यों सुविधा में नहीं रह सकता, बिल्कुल रहेगा. पूरी सुविधा से रहता हूं और रहूंगा, जिसको परेशानी है, होती रहे.
ये भी पढ़ेंः 'पागल को बाहर निकालो'... भक्त की पिटाई के Video ने खोल दी करौली बाबा के दावे की पोल
2 घंटे तक आश्रम में रुकी पुलिस, आधे घंटे तक की पूछताछ
बता दें कि डॉक्टर के साथ मारपीट के मामले में कानपुर पुलिस बुधवार को करौली बाबा के आश्रम पहुंची और दो घंटे तक रुककर बाहर निकली. बताया जा रहा है कि पुलिस ने आधे घंटे तक बाबा से पूछताछ की. इस बारे में बाबा ने कहा है कि वकील के सामने ही बात करूंगा. पुलिस को सीसीटीवी में घटना के फुटेज नहीं मिले हैं.
डॉक्टर से मारपीट के मामले में बुधवार देर रात कानपुर पुलिस ने करौली बाबा के आश्रम पहुंचकर जांच की. इससे पहले दोपहर में कानपुर पुलिस बाबा के बयान दर्ज करने पहुंची थी, लेकिन बाबा से मुलाकात नहीं हो पाई और न ही आश्रम के मैनेजर से बात हुई. इसके बाद शाम को एक बार फिर कानपुर पुलिस के जांच प्रभारी आश्रम पहुंचे और आश्रम के मैनेजर के पास जाकर सीसीटीवी रूम का मुआयना किया और घटना के दिन का सीसीटीवी फुटेज मांगा.
'आश्रम में लगे हैं 250 कैमरे, 15 दिन की ही होती है रिकॉर्डिंग'
आईटी हेड विकास भाटिया ने पुलिस को बताया कि उनके आश्रम में 250 कैमरे लगे हैं, लेकिन सिर्फ 15 दिन तक की ही रिकॉर्डिंग रहती है. घटना 1 महीने पुरानी है, इसलिए वो रिकॉर्डिंग देने में असमर्थ हैं. इसके बाद पुलिस ने उन्हें लिखित में यह बात स्पष्ट करने को कही.
कानपुर पुलिस काफी देर इंतजार करने के बाद बाबा के कमरे में पहुंची और कई सवाल किए. बाबा ने बयान दर्ज कराने से मना करते हुए कहा कि वह बिना अपने वकील से बात किए कोई लिखित जवाब नहीं देंगे. इसके बाद कानपुर पुलिस ने उनसे मौखिक रूप से ही सवाल जवाब किए और घटना की जानकारी ली.
ये भी पढ़ेंः हत्या से लेकर मारपीट के चल चुके हैं केस... जानें कैसे संतोष भदौरिया बना करौली बाबा
पुलिस ने बाबा से पूछे ये सवाल
पुलिस ने करौली बाबा संतोष भदौरिया से पूछा कि 22 फरवरी को डॉ. सिद्धार्थ यहां आए थे तो क्या हुआ था? बाबा ने कहा कि वह उनके सामने चमत्कार दिखाने की बात कर रहे थे, जिसके बाद मैंने मना किया कि यहां कोई चमत्कार नहीं होता और फिर वह मुझे धन्यवाद बोल कर चले गए. पुलिस ने पूछा कि मारपीट की घटना कैसे हुई? इसके जवाब में बाबा ने कहा कि वह तो भक्तों से बिना छुए इलाज करते हैं, उन्हें नहीं पता की मारपीट कहां और कैसे हुई?
'बदतमीजी कर रहा था वह शख्स, भक्तों ने बाहर कर दिया'
नए वायरल वीडियो पर आपका क्या कहना है जिसमें आप डॉक्टर को चल पागल हट और बाहर निकालो इसे बोलते हुए सुनाई दे रहे हैं? बाबा ने अनौपचारिक रूप से बताया कि यहां पर आकर वह शख्स बदतमीजी कर रहा था, जिसके बाद भक्तों ने उसे बाहर निकाल दिया. बाबा ने पुलिस को यह भी बताया कि उनके नाम पर बिना जांच के एफआईआर दर्ज की गई, जबकि मैंने कोई मारपीट नहीं की और न ही मारपीट के लिए किसी को कहा.
'दूसरी जगह शिफ्ट हो गया पूरा परिवार'
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस की जांच से पहले ही बाबा ने अपने दो बेटों समेत पूरे परिवार को किसी दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया है. बता दें कि बाबा का घर आश्रम के अंदर ही है और पूरा परिवार वहीं रहता है, लेकिन बुधवार शाम पूरा परिवार किसी दूसरी जगह चला गया. गांव वालों का कहना है कि वैसे तो आश्रम के अंदर से ही हर बार तीन चार गाड़ियां एक साथ निकलती हैं, जब परिवार कहीं जाता है, लेकिन पहली बार दूर तक पैदल चलकर वहां से गाड़ियों में बैठकर परिवार कहीं निकल गया.