उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर ठगी करने का मामला सामने आया है. पिता - पुत्र को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इन दोनों पर 15 -15 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था. मुख्य आरोपी आर्मी से रिटायर सूबेदार है, जो अपने बेटे के साथ मिलकर लोगों को चूना लगाते थे.
इन लोगों ने दस साल पहले तीन युवाओं से विद्यालय में नौकरी दिलाने के नाम पर 24 लाख 10 हजार रुपए की ठगी की थी. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है. दरअसल, सरायअकिल थाना क्षेत्र के अमवा गांव निवासी राजभवन मिश्रा सेना में सूबेदार के पद पर रहकर वर्ष 2014 में रिटायर हुआ है.
रिटायरी से पहले ही उसने अपने बेटे अजय मिश्रा के साथ मिलकर बेरोजगार युवाओं को विद्यालय सहित अन्य संस्थानों में नौकरी दिलाने का सब्जबाग दिखाकर ठगी का काम करने लगा था. रिटायरी के बाद इस धंधे को उसने जोर शोर से करना शुरू कर दिया और कई लोगों को अपना शिकार भी बना चुका था.
ठगी के पैसे से उसने प्रयागराज के राजरूपपुर में आलीशान मकान भी बनवा लिया था. 2014 में ही करारी कस्बे के रामचंद्र ने राजभवन मिश्रा से संपर्क किया. उसे एक विद्यालय में लिपिक के पद पर नौकरी देने का सब्जबाग दिखाकर 9 लाख 60 हजार ले लिया. रामचंद्र के अलावा राजभवन ने राजरूपपुर के प्रभाकर सिंह से 5 लाख और परमानंद द्विवेदी से 9 लाख 50 हजार रुपए सहायक अध्यापक के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर ले लिया.
जालसाज पिता-पुत्र ने तीनों को फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे दिया. तीनों युवक जब नियुक्ति पत्र लेकर विद्यालय पहुंचे तो विद्यालय के प्रबंधक एवं अन्य स्टाफ ने ऐसी किसी भी वैकेंसी के न निकालने की बात कही. यह सुनकर उनके होश उड़ गए. तीनों युवक अब आरोपी पिता-पुत्र पर पैसे वापस करने का दबाव बनाने लगे.
आरोपी पिता-पुत्र ने टालमटोल शुरू कर दिया. रामचंद्र का आरोप है कि जब वह पैसा मांगने के लिए आरोपियों के पास पहुंचा तो उसे गाली गलौज दी गई. इसके अलावा पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई. पीड़ित रामचंद्र ने करारी थाना में आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ तहरीर दी. पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी.
इस दौरान लगभग 10 से 15 अन्य लोगों ने भी जालसाज पिता-पुत्र के खिलाफ विद्यालय सहित अन्य संस्थानों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने की शिकायत पुलिस से की. करीब एक करोड़ से अधिक रुपया दोनों जालसाज पिता-पुत्र ने बेरोजगार युवाओं से नौकरी दिलाने के नाम पर ऐंठ लिया था और किसी को भी नौकरी नहीं दिलाई.
करारी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि दोनों पिता-पुत्र किसी काम से करारी कस्बे आए हैं. पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को करारी के एक स्कूल के पास से गिरफ्तार कर लिया और लिखापढ़ी करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया.