scorecardresearch
 

रियलिटी चेक: 1 जुलाई से बदल जाएंगी IPC की तमाम धाराएं, जानिए कैसी है UP पुलिस की तैयारी?

UP Police: क्या 1 जुलाई से उनको किसी तरह की दिक्कत का सामना तो नहीं पड़ेगा? क्या 1 जुलाई से एफआईआर दर्ज करते समय बार-बार मोबाइल ऐप की मदद लेनी पड़ेगी? भारतीय न्याय संहिता को समझने के लिए लॉन्च हुआ मोबाइल एप कितना मददगार है?  

Advertisement
X
(सांकेतिक तस्वीर)
(सांकेतिक तस्वीर)

भारतीय दण्ड संहिता (IPC) की तमाम धाराएं अब बदल गई हैं. आगामी 1 जुलाई से अब भारतीय न्याय संहिता की नई धाराओं का प्रयोग शुरू हो जाएगा. इसके लिए सभी थानों में तैयारी भी शुरू हो गई हैं और पुलिस को नई धाराओं से संबंधित ट्रेनिंग भी दी जा रही है. इसी को लेकर आजतक की टीम ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर यह जानने की कोशिश की कि क्या पुलिसकर्मियों इसकी कितनी जानकारी है... 

Advertisement

हमने यह भी जानने का प्रयास किया कि क्या पुलिसकर्मियों को मिली ट्रेनिंग कारगर है? क्या 1 जुलाई से उनको किसी तरह की दिक्कत का सामना तो नहीं पड़ेगा? क्या 1 जुलाई से एफआईआर दर्ज करते समय बार-बार मोबाइल ऐप की मदद लेनी पड़ेगी? भारतीय न्याय संहिता को समझने के लिए लॉन्च हुआ मोबाइल एप कितना मददगार है?  

सहारनपुर: 
                   हमने सहारनपुर के एक थाने के मुंशी से पूछा कि एक जुलाई से लागू होने वाली नई धाराओं के विषय में कितनी जानकारी है? इस पर उन्होंने बताया कि एक जुलाई से लागू होने वाली नई धाराओं के बारे में उनकी ट्रेनिंग भी हुई है और लगभग सभी धाराएं याद कर ली हैं. लेकिन कभी-कभी ऐसा हो जाता है कि अभी एकदम से बदलाव आया है तो कोई धारा दिमाग से निकल जाए, तो इसके लिए थाने के अंदर सभी जगह नई धाराओं का एक चार्ट लगा हुआ है. ताकि उनको देखकर मामले में सही धाराएं इस्तेमाल किया जा सकें. जब हमने उनसे बदली हुई धाराओं के बारे में पूछा तो उनका कहना था कि हर घटना में कोई भी एक धारा का प्रयोग नहीं होता. हर घटना का प्रकरण जानने के बाद ही धाराओं का इस्तेमाल किया जाता है. एक केस में कई कई धाराएं हो जाती हैं. जिनका एक दूसरे के साथ सम्बन्ध होता है. इसलिए अभी कुछ समय लगेगा और इसी लिए सभी जगह नई धाराओं के चार्ट लगा दिए गए हैं.

Advertisement

मऊ:
         मऊ के थाने के एक दीवान ने बताया कि सभी की ट्रेनिंग पुलिस लाइन में चल रही है. कुछ पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग पूरी भी हो चुकी है. बदली गई धाराओं के बारे में बकायदे सभी को ट्रेंड किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि केस दर्ज करते समय अगर याद रहेगा तो लिखा जाएगा, नहीं तो फिर मोबाइल एप या फिर किताब के माध्यम से जानकारी करके धारा लिखी जाएगी. चूंकि पुरानी धाराएं बहुत दिनों से प्रभावी थीं, इसलिए शुरू में कुछ दिन थोड़ी कठिनाई हो सकती है. लेकिन बाद में नई धाराएं भी पहले की ही तरह सभी को याद हो जाएंगी.  

कुल मिलाकर मऊ में अभी सभी को क्रमशः ट्रेनिंग दी जा रही है. केस दर्ज करते समय होने वाली परेशानी के लिए किताब भी थानों पर रहेगी. जिससे धाराएं याद नहीं रहने पर मदद ली जा सके. अब ट्रेनिंग पूरी होने के बाद कितने लोग इन धाराओं पर बाद में होमवर्क करेंगे, उसी आधार पर यह तय होगा कि शुरुवाती दिनों में केस लिखते समय उनको कितनी  सहूलियत मिलेगी.

 जब हमने ट्रेनिंग ले चुके पुलिसकर्मियों से पूछा कि बलात्कार, धोखाधड़ी, मर्डर, चोरी और लूट के मामलों में अब पुरानी धाराओं की जगह कौन सी धाराएं लगेगी तो उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग में अभी इन धाराओं के बारे में बताया गया है. लेकिन अभी तुरंत सभी धाराएं याद नहीं हैं. अभी धाराओं को याद किया जाएगा और किताब से मदद लेकर मुकदमा लिखते लिखते कुछ दिनों में सभी को यह परिवर्तित धाराएं पहले की धाराओं की तरह याद हो जाएंगी.

Advertisement

गोरखपुर:
               इस मामले पर आजतक संवाददाता ने गोरखपुर के कुछ थानों के दीवान से बात की तो एकने बताया कि कितने भी कानून में फेर बदल हो, इसके लिए यहां गोरखपुर में प्रॉपर तरीके से पुलिस को ट्रेनिंग दी जा रही है. साथ ही 1 जुलाई से अगर नई धाराओं के लिए मोबाइल और किताबों का भी सहयोग ले सकते हैं. ऐसे में नियमों में बदलाव और धाराओं के बदलने से कोई दिक़्क़त नहीं है, क्योंकि अभी भी थाने में ज़िम्मेदार क़ानूनी दांव-पेंच में फंसने पर हार्डकॉपी या क़ानून की पुस्तक का इस्तेमाल करते हैं. जिससे किसी के साथ अन्याय ना हो साथ ही किसी निर्दोष पर कोई धारा गलत ना लग सके.
     
 इसी तरह जब एक और थाने के दीवान  ने भी बताया कि लगातार पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारी द्वारा ट्रेनिंग मुहैया करवाई जा रही है. साथ ही सभी पुलिस स्टेशन के ज़िम्मेदारों को विशेष ध्यान दिया जा रहा है. दीवान ने बताया कि गोरखपुर पुलिस की पूरी तैयारी है. रही बात मोबाइल के इस्तेमाल या किताबों के सहारे की तो अगर किसी दुविधा स्थिति में मोबाइल का इस्तेमाल किया जा रहा है तो इसमें गलत ही क्या है. शुरुआत के कुछ दिनों में हमें मोबाइल ऐप का सहारा लेना पड़ सकता है. बाकी ट्रेनिंग समय-समय पर चल रही है. पूरा सिस्टम चुस्त-दुरुस्त तरीक़े से एक जुलाई से नये क़ानून के साथ काम करने के लिए तत्पर है.

Advertisement

सुल्तानपुर:
                  सहारनपुर जिले के एक हेड दीवान (मुंशी) ने बताया कि अभी किसी को इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि किस IPC धारा के बदले भारतीय न्याय संहिता की कौन सी धारा लगानी है. उन्होंने बताया कि पिछले 10 दिनों से पुलिस लाइन में जनपद के सभी थानों के सिपाहियों को बुलाकर वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी (SPO) द्वारा IPC की धाराओं में हुए बदलाव के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है. हम लोग अभी पुरानी IPC की धाराओं पर ही काम कर रहे हैं. दीवान ने आगे बताया कि नई धाराओं पर 1 जुलाई से क्रियांवयन होना शुरू होगा. जब उस समय किसी तरह की कोई समस्या होगी तो लोगों से समझकर काम किया जाएगा. वहीं, जब उनसे भारतीय न्याय संहिता को समझने के लिए लांच किए गए एप के बारे में पूछा गया तो बताया कि भी कोई जानकारी नहीं है.

चंदौली:
           इस संदर्भ में हमने पूर्वी उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में तैनात पुलिस कर्मियों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि कोई भी नई चीज आती है तो उसको समझने में थोड़ी दिक्कत होती है. लेकिन हम लोगों को फिलहाल नई धाराओं के बारे में प्रॉपर ट्रेनिंग दी जा रही है. साथ ही साथ विभाग की ओर से एक बुकलेट उपलब्ध कराई गई है जिसमें पुरानी धाराओं के सामने नई धाराओं का जिक्र किया गया है. 

Advertisement

उन्होंने बताया कि शुरुआत में तो दिक्कत होना लाजमी है लेकिन धीरे-धीरे इस चीज की भी प्रैक्टिस हो जाएगी और हम लोग आसानी से काम करने लगेंगे. जब हमने उनसे कुछ पुरानी धाराओं का जिक्र करते हुए उनके बदले नई धाराओं के बारे में बातचीत की तो उन्होंने बताया कि अभी बिल्कुल नया-नया मामला है इसलिए याद रख पाना संभव नहीं है. लेकिन जैसे-जैसे यह चीज अभ्यास में आती जाएगी तो याद भी हो जाएगा. कुल मिलाकर इन पुलिसकर्मियों का कहना था कि नई धाराओं के बारे में प्रॉपर ट्रेनिंग मिल रही है और अगर प्राथमिक की दर्ज करते समय किसी तरह की सुविधा होगी तो हम लोगों को एक बुकलेट उपलब्ध कराई गई है जिसको देखकर हम धाराओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर लेंगे. 

महराजगंज जिले के एक थाने पर तैनात दीवान ने बताया कि सभी पुलिस कर्मियों को नई धाराओं के बारे में प्रॉपर ट्रेंनिग दी जा रही है. नई धाराओं और नियमों से भी अवगत कराया जा रहा है लेकिन जब तक यह आम व्यवहार में नहीं आ जाता तब तक ट्रेनिग का कोई खास असर नहीं होने वाला. लेकिन ट्रेनिग भी जरूरी है. नई धाराओं को जानने के लिए महराजगंज के धनेवा धनेई स्थित पुलिस लाइन में जिले भर के पुलिस कर्मियों को ट्रेंड किया जा रहा है. 

Advertisement

इसके अलावा इंटरनेट थानों पर मौजूद कानून की किताब से भी सहायता लेकर काम किया जाएगा. जब ट्रेनिंग ले चुके एक पुलिसकर्मी से पूछने का प्रयास किया कि बलात्कार, धोखाधड़ी, मर्डर, चोरी और लूट के मामलों में अब पुरानी धाराओं की जगह कौन सी धाराएं लगेंगी तो वो हंस पड़े और कहने लगे अभी थोड़ा टाइम लगेगा. दीवान ने बताया कि ट्रेनिंग में इन सभी धाराओं के बारे में बताया गया है लेकिन अभी तुरंत सभी धाराएं याद नहीं हैं. अभी धाराओं को याद करने का काम किया जा रहा है. फिलहाल महराजगंज में अभी सभी को क्रमवार ट्रेनिंग दी जा रही है. केस दर्ज करते समय होने वाली परेशानी के लिए किताब सभी थानों पर उपलब्ध रहेगी. 

(रिपोर्ट: उदय गुप्ता/अनिल भारद्वाज/दुर्गा किंकर सिंह /रवि गुप्ता /नितिन श्रीवास्तव) 

Live TV

Advertisement
Advertisement