scorecardresearch
 

जानिए कौन हैं वो सात चेहरे, जो यूपी में बीजेपी के कोटे से जा रहे हैं राज्यसभा

भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश से अपने राज्यसभा के सात उम्मीदवार घोषित किए गए हैं. इन चेहरों में ओबीसी और महिला उम्मीदवार तो हैं लेकन एक भी दलित चेहरा नहीं है. सात उम्मीदवारों में चार ओबीसी, दो सवार बिरादरी और एक जैन समुदाय से ताल्लुक रखते हैं.

Advertisement
X
बीजेपी ने यूपी से घोषित किए सात राज्यसभा उम्मीदवार
बीजेपी ने यूपी से घोषित किए सात राज्यसभा उम्मीदवार

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रविवार को आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए अपने 14 उम्मीदवारों के नाम घोषित किये जिनमें यूपी से 7 उम्मीदवारों के नाम यूपी से हैं. जो सात नाम पार्टी ने घोषित किए गए हैं उसे समाजवादी पार्टी के ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) की काट के रूप में भी देखा जा रहा है. भाजपा ने सारे समीकरण साधते हुए यूपी से राज्यसभा के उम्मीदवारों का चयन करने में पिछड़ी जातियों को विशेष तरजीह दी है.

Advertisement

बीजेपी ने अपनी लिस्ट में ओबीसी चेहरों को प्रमुखता दी है और किसी भी बाहरी को इस बार उत्तर प्रदेश से राज्यसभा नहीं भेजा है. जिन सात लोगों को राज्यसभा भेजा जा रहा है उसमें से चार ओबीसी, दो सवार बिरादरी और एक जैन समुदाय से आते हैं. यानी कि एक भी दलित चेहरा इस लिस्ट में शामिल नहीं है.

यह भी पढ़ें: चंदौली : जानिए कौन हैं साधना सिंह, जिन्हें राज्यसभा भेज रही बीजेपी

आरपीएन सिंह कांग्रेस छोड़कर आए थे बीजेपी में
कांग्रेस छोड़कर आए आरपीएन सिंह का नाम पहले नंबर पर है- माना जा रहा था भाजपा इन्हें कुशीनगर से चुनाव लड़ाएगी लेकिन पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला किया है. 2022 चुनाव के पहले आरपीएन सिंह ने भाजपा का दामन थामा था. वह सैंथवारवार कुर्मी बिरादरी से आते हैं जिनकी संख्या पूर्वांचल में, खासकर गोरखपुर महाराजगंज देवरिया जैसे जिलों में बड़ी तादाद में है. आरपीएन सिंह राजघराने से आते हैं और इलाके में राजा साहब के नाम से जाने जाते हैं.

Advertisement

जाट बिरादरी का प्रमुख चेहरा हैं चौधरी तेजवीर
चौधरी तेजवीर सिंह मथुरा से आते हैं जाट बिरादरी से हैं और 3 बार के भाजपा के सांसद रह चुके हैं. बीजेपी ने इस बार राज्यसभा के लिए जाट बिरादरी के चौधरी तेजवीर सिंह के नाम पर मुहर लगाई है. तेजवीर सिंह  1996, 1998, 1999 में लगातार तीन बार सांसद रहे हैं और अपने क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ रही है.  

केशव मौर्य के करीबी हैं अमरपाल मौर्य
अमरपाल मौर्य बिरादरी से आते हैं और संगठन में  प्रदेश महामंत्री पद पर तैनात हैं. केशव मौर्य के बेहद गरीबी माने जाते हैं इसके पहले वह स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं. पिछड़े वर्ग से आने वाले अमरपाल मौर्य 2022 विधानसभा चुनाव में ऊंचाहार से चुनाव हार गए थे.  

यह भी पढ़ें: पत्रकार सागरिका घोष को राज्यसभा भेजेगी TMC, पार्टी ने सुष्मिता देव समेत 4 उम्मीदवारों का किया ऐलान

बिंद मल्लाह बिरादरी से हैं संगीता बलवंत
संगीता बलवंत,बिंद मल्लाह बिरादरी से आती हैं गाजीपुर शहर से विधायक रह चुकी हैं. हालांकि पिछला चुनाव हार गई थी लेकिन बीजेपी ने पूर्वांचल में बिंद-निषाद और मल्लाह बिरादरी पर दांव लगाया है. संगीता बलवंत योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की पिछली सरकार में सहकारिता राज्य मंत्री थीं और 2022 के विधानसभा चुनाव में वह गाजीपुर सदर सीट से 1600 मतों से पराजित हुई थीं।

Advertisement

सुधांशु त्रिवेदी दूसरी बार जाएंगे राज्यसभा
विभिन्न मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखने के लिए विख्यात सुधांशु त्रिवेदी सुधांशु त्रिवेदी ब्राह्मण हैं और बीजेपी के ऐसे प्रवक्ता हैं जिनकी अक्सर खूब चर्चा होती है. अक्टूबर 2019 में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए त्रिवेदी की पहचान एक विश्लेषक, विचारक और राजनीतिक सलाहकार के तौर पर की जाती है. सुधांशु त्रिवेदी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी की डिग्री भी हासिल की है.

विधानसभा चुनाव हार गई थी साधना सिंह
उत्तर प्रदेश से चंदौली जिले की पूर्व विधायक साधना सिंह ठाकुर हैं और मुगलसराय की पूर्व विधायक है. साधना को तेज तर्रार महिला नेताओं में शुमार किया जाता है. साधना सिंह ने 2017 विधानसभा चुनाव में मुगलसराय विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी बाबूलाल यादव को हराकर जीत हासिल की थी.

यह भी पढ़ें: Mahendra Bhatt Biography: कौन हैं महेंद्र भट्ट? जिन्हें राज्यसभा भेज रही BJP

2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने साधना सिंह को टिकट नहीं दिया था. बल्कि उनके स्थान पर मुगलसराय विधानसभा से रमेश जायसवाल को टिकट दिया गया था. साधना सिंह की उम्र तकरीबन 47 साल है. उनके पति का नाम छविनाथ सिंह है जो कृषक हैं. शिक्षा दीक्षा की बात करें तो इन्होंने संपूर्णानंद संस्कृत यूनिवर्सिटी वाराणसी से 1997 में ग्रेजुएशन की शिक्षा प्राप्त की है.

Advertisement

नवीन जैन आगरा के मेयर रह चुके हैं
नवीन जैन बीजेपी के पूर्व कोषाध्यक्ष हैं आगरा से मेयर रह चुके हैं और एक बडी कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक कह जाते हैं.
 

Live TV

Advertisement
Advertisement