यूपी के माफिया डॉन मुख्तार अंसारी और उनके भाई बसपा सांसद अफजाल अंसारी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. गाजीपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट आज बहुचर्चित कृष्णानंद राय हत्याकांड और व्यापारी नंदकिशोर रूंगटा अपहरण में दर्ज गैंगस्टर मामले में मुख्तार और अफजाल के खिलाफ फैसला सुनाएगा. इस मामले में पहले 15 अप्रैल को फैसला आना था लेकिन बाद में तारीख को बढ़ाकर 29 अप्रैल कर दिया गया था.
गाजीपुर के मुहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के बसनिया चट्टी में नवंबर 2005 को तत्कालीन बीजेपी विधायक कृष्णानन्द राय समेत 7 लोगों की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में 2007 में गैंगेस्टर एक्ट के तहत अफजाल अंसारी, उनके भाई माफिया डॉन मुख्तार अंसारी और बहनोई एजाजुल हक पर गैंगेस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था.एजाजुल हक का देहांत हो चुका है.
मामले साल 2012 में गाजीपुर की MP-MLA कोर्ट में ट्रायल शुरू हुआ. 1 अप्रैल को इस मामले में अंतिम बहस पूरी हुई थी. इसके बाद जज ने फैसले के लिए 15 अप्रैल की तारीख तय की थी. गैंग चार्ट में अफजाल अंसारी पर कृष्णानन्द राय हत्याकांड का केस दर्ज है, जबकि मुख्तार अंसारी के खिलाफ इसके अलावा एक अन्य मामला रूंगटा अपहरण और हत्याकांड का केस है.
एडीजीसी क्रिमिनल नीरज श्रीवास्तव ने पिछले दिनों बताया था कि गैंगेस्टर मामले में अधिकतम 10 वर्ष की सजा का प्रावधान है. अफजाल अंसारी ने पहले भी कहा था कि इस मामले में वह बरी हो चुके हैं और वह इसी मामले में हाइकोर्ट भी गए थे लेकिन उन्हें HC से राहत नहीं मिली थी. माफिया मुख्तार अंसारी के मामले में 10 गवाहों की, जबकि अफजाल अंसारी के मामले में 7 गवाहों की गवाही इस मामले में ट्रायल के दौरान हुई थी.
अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पुलिस हिरासत में हत्या के बाद अब मुख्तार अंसारी को भी पेशी के दौरान हत्या का डर सता रहा है. नियमानुसार मुख्तार अंसारी को फैसला सुनाए जाते वक्त कोर्ट में पेश होना होगा. ऐसे में पेशी पर बांदा जेल से गाजीपुर कोर्ट पहुंचने में मुख्तार अंसारी को डर लग रहा है.
हालांकि पिछले दिनों डीजी जेल एसएन साबत ने बताया था कि जेल के अंदर कैदी की सुरक्षा की हमारी जिम्मेदारी है. जिसके लिए मुख्तार अंसारी को हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है, उसकी बैरक को सीसीटीवी के जरिए निगरानी में रखा गया है.
रोपड़ के व्यापारी के द्वारा रंगदारी मांगने के मामले में पंजाब जेल में बंद मुख्तार अंसारी यूपी नहीं आना चाहता था. साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मुख्तार अंसारी को रोपड़ से बांदा जेल लगाया गया था. अब उसे बांदा जेल से बाहर निकलने में भी डर लग रहा है. पिछले दिनों मुख्तार अंसारी के सांसद भाई अफजाल अंसारी ने बयान भी दिया था कि चर्चा हो रही है कि अतीक अहमद के बाद मुख्तार का नंबर है लेकिन मारने वाले से बचाने वाला बड़ा होता है.
गाजीपुर में 29 नवंबर 2005 को मोहम्मदाबाद से तत्कालीन बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय सहित कुल 7 लोगों को गोलियों से छलनी कर दिया गया था. चुनावी रंजिश के कारण इस हत्या को अंजाम दिया गया था. इस हत्याकांड में मुख्तार अंसारी और अफजाल को आरोपी बनाया गया था. दरअसल अंसरी ब्रदर्स के प्रभाव वाली मोहम्मदाबाद विधानसभा सीट पर 2002 में अफजाल अंसारी को हराकर कृष्णानंद राय ने जीत हासिल की थी.
कृष्णानंद राय की हत्या उस समय की गई, जब वह भांवरकोल ब्लॉक के सियाड़ी गांव में आयोजित एक स्थानीय क्रिकेट प्रतियोगिता में बतौर मुख्य अतिथि बुलाए गए थे. जब वह मैच का उद्घाटन कर वापस आ रहे थे, तभी बसनिया चट्टी के पास घात लगाए हमलावरों ने कृष्णानंद राय के काफिले पर एके-47 से 500 राउंड फायर झोंक दिए थे.
जनवरी 1997 में कोयला व्यापारी और VHP कोषाध्यक्ष नंदकिशोर रूंगटा का उसके घर से अपहरण कर फिर हत्या की गई थी. जानकारी के मुताबिक रूंगटा के परिवार से 5 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की गई थी. परिवार ने 1.5 करोड़ भी दे दिए थे लेकिन बाद में रूंगटा की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में मुख्तार अंसारी पर आरोप लगा था. इस मामले में उन पर गैंगस्टर एक्ट में केस दर्ज किया गया था.