कानपुर में 10वीं के छात्र कुशाग्र की हत्या के मामले में पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठ रहे हैं. पुलिस का दावा है कि कुशाग्र की हत्या ट्यूशन टीचर रचिता से प्रेम संबंधों के चक्कर में हुई, जबकि मृतक के घरवालों का कहना है कि पुलिस उनके बेटे का चरित्र हरन कर रही है. कुशाग्र और रचिता के बीच टीचर और स्टूडेंट वाले रिलेशन थे. कुशाग्र उससे ज्यादा बात नहीं करता था.
इस बीच कॉल डिटेल वाली बात सामने आई, जिसका पुलिस ने खंडन कर दिया है. पुलिस ने बताया कि रचिता की बातचीत किसी और नंबर से हुई थी. कुशाग्र के नंबर से नहीं. फोन में भी ऐसी कोई चैट या फोटो नहीं मिली जिससे प्रेम संबंध को स्थापित किया जा सके. फिरौती वाले एंगल की गहन जांच हो रही है.
पुलिस के खुलासे पर उठ रहे सवाल
भले ही पुलिस ने कुशाग्र के हत्यारोपियों रचिता, प्रभात और उसके साथी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. लेकिन उसके खुलासे से मृतक के घरवाले नाखुश हैं. पुलिस का दावा है कि छात्र कुशाग्र और उसकी टीचर रचिता के बीच प्रेम संबंध थे. जबकि, रचिता का प्रभात से भी अफेयर चल रहा था. इसी खुन्नस में प्रभात ने कुशाग्र की हत्या कर दी. फिरौती वाला लेटर केस को भटकाने के लिए था.
लेकिन पुलिस के इस दावे को कुशाग्र के परिजन मानने को तैयार नहीं हैं. कुशाग्र के चाचा संजय कनोडिया का कहना है पुलिस ने बगैर किसी सबूत के हमारे भतीजे का चरित्र हरन कर दिया. वह 15-16 साल का छोटा बच्चा था. टीचर 25 साल की थी. दोनों के बीच संबंध कैसे हो सकते हैं. उसको (टीचर) हम बेटी जैसे मानते थे. वह अक्सर घर आती जाती थी. टीचर प्रभात से प्रेम करती थी. उससे शादी करने जा रही थी, तो हमारे भतीजे से क्यों प्रेम करेगी या मेरा भतीजा उससे क्यों प्रेम करेगा? सब बनावटी कहानी है.
फिलहाल, पुलिस का कहना है की हर मुद्दे की जांच कर रहे हैं. हत्यारे ने 30 लाख की फिरौती मांगी थी. उस मुद्दे पर भी जांच कर रहे हैं. छात्र (कुशाग्र) अक्सर टीचर (रचिता) से मिलने जाता था. ये सब बिंदु अलग ओर इशारा करते हैं. हर एंगल से जांच-पड़ताल की जा रही है.
पहले टीचर और छात्र के बीच 16 दिन में फोन कॉल पर 51 बार बातचीत की खबर आई थी, उसका एडीसीपी क्राइम मनीष सोनकर ने खंडन किया है. उनका कहना है नंबर छात्र का नहीं था. छातरा से अभी बातचीत का रिकॉर्ड कोई नहीं मिला है. कॉल डिटेल में जो अन्य नंबर सामने आए हैं उनकी जांच कर रहे हैं.