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'कुवैत अग्निकांड में दोषियों को मिले सजा और...', मृतक प्रवीण माधव सिंह के पिता की भारत सरकार से मांग

वाराणसी के इंजीनियर प्रवीण सिंह की कुवैत हादसे में मौत हो गई और उनका शव शनिवार सुबह शिवपुर स्थित घर पहुंचा. फिर महाश्मशान मणिकर्णिका घाट पर प्रवीण को छोटे भाई ने उनको मुखाग्नि दी. वहीं, मृतक के पिता ने भारत सरकार से मांग की है कि जो भी कुवैत अग्निकांड में दोषी पाए जाते हैं उनके ऊपर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.

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पिता ने की सख्त कार्रवाई की मांग.
पिता ने की सख्त कार्रवाई की मांग.

कुवैत (Kuwait) के मंगाफ (Mangaf) शहर में एक रिहायशी बिल्डिंग में आग के शिकार हुए 45 भारतीयों में से एक वाराणसी के 36 वर्षीय इंजीनियर प्रवीण माधव सिंह भी थे. प्रवीण मूल रूप से गाजीपुर के गहमर के सेवराई तहसील के करहिया गांव के रहने वाले है. दो साल पहले वाराणसी के शिवपुर स्थित गायत्री धाम कालोनी में मकान बनाकर रहने लगे थे. 

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शनिवार सुबह जैसे ही प्रवीण का शव एयरपोर्ट से उनके शिवपुर स्थित घर पहुंचा, तो कोहराम मच गया. फिर महाश्मशान मणिकर्णिका घाट पर प्रवीण को छोटे भाई ने उनको मुखाग्नि दी. प्रवीण NBTS कंपनी में सेल्स कोऑर्डिनेटर के पद पर 9 साल से कुवैत में काम कर रहें थे. प्रवीण के अंतिम संस्कार के दौरान उनके पिता जयप्रकाश सिंह ने खास बातचीत की.

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'पापा जाने का दिल नहीं कर रहा...'

कुवैत अग्निकांड में मृतक प्रवीण माधव सिंह के पिता जयप्रकाश सिंह ने कहा, दो माह पहले जब प्रवीण वाराणसी आया था, तब उसकी कुवैत वापस जाने की इच्छा नहीं थी. प्रवीण ने कहा था कि पापा जाने का दिल नहीं कर रहा. 10 साल पूरे होने के बाद कुवैत की उस कंपनी से रिजाइन कर देंगे और वापस वाराणसी आ जाएंगे. लेकिन होनी को कोई टाल नहीं सकता. उन्होंने बताया कि प्रवीण के जाने के बाद अब उनके परिवार में उनकी पत्नी और दो बच्चियां है.

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'पिता ने लापरवाही का लगाया आरोप'

प्रवीण के पिता ने बताया कि अग्निकांड की घटना में खामियां जरूर रही होगी, क्योंकि आग लगने के बाद अग्निशमन दल देर से वहां पहुंचा. फायर ब्रिगेड का प्रबंध था कि नहीं यहां से तो पता नहीं चल रहा है, लेकिन कुछ कमियां जरूर रही. नहीं तो वक्त रहते दुर्घटना को रोका जा सकता था. आग भूतल से लगना शुरू हुई, जहां सिक्योरिटी गार्ड रहते हैं. उन्हीं लोगों की खामियां है. 

'भारत सरकार से कार्रवाई करने की मांग'

उन्होंने भारत सरकार से मांग की कि जो भी कुवैत अग्निकांड में दोषी पाए जाते हैं उनके ऊपर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने आगे बताया कि उनके बेटे के साथ जो हुआ उससे वे इतने दुखी है कि बयां नहीं कर सकते हैं. पूरी की पूरी लापरवाही मैनेजमेंट वालों की है. बिल्डिंग की सिक्योरिटी वाले वहीं भूतल में खाना बनाते है और सिगरेट भी पीते हैं. जबकि इन सभी चीजों की पाबंदी है. इसलिए भारत सरकार से मांग है कि इस घटना में जो भी दोषी है उसे सजा मिले.

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