उत्तर प्रदेश के संभल में जिला अस्पताल में अचानक लिफ्ट बंद हो गई. इस दौरान मरीज और अस्पताल का स्टाफ लिफ्ट में ही फंस गया. करीब 20 मिनट की भारी मशक्कत के बाद लिफ्ट शुरू हो पाई. वहीं, अस्पताल के सीएमएस पूरे मामले में पर्दा डालते नजर आए.
दरअसल, जिला अस्पताल के मरीज और कर्मचारी लिफ्ट से दूसरे फ्लोर पर जा रहे थे. जैसे ही लिफ्ट ऊपर की तरफ बढ़ी तो अचानक ही बीच में फंस गई. इस कारण लिफ्ट में मौजूद मरीज और कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया और वे शोर करने लगे. उनकी आवाज सुनकर अस्पताल प्रशासन वहां पहुंचा तो उन्हें इस बात का पता चला.
20 मिनट लिफ्ट में फंसे रहे मरीज
इस दौरान अस्पताल में बड़ी लापरवाही सामने आई. लिफ्ट पर तैनात कर्मचारी मौके से गायब था. फिर उसे ढूंढ कर कड़ी मशक्कत के बाद लिफ्ट का दरवाजा खोला गया. करीब 20 मिनट तक मरीज और कर्मचारी लिफ्ट में ही फंसे रहे. गनीमत है कि इस दौरान किसी भी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा.
अस्पताल ने पूरे मामले से झाड़ा पल्ला
वहीं, जब जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनूप अग्रवाल से इस लपारवाही के बारे में पूछा गया तो वह इस पूरे मामले से बचते नजर आए. उन्होंने कहा कि लिफ्ट में मरीज नहीं थे. मरीजों की रक्षा के लिए तैनात कुछ कर्मचारी थे. लिफ्ट की वीडियो देखकर पता लगा है कि उसके अंदर 10 से 12 लोग सवार थे. यह लिफ्ट केवल मरीजों के प्रयोग करने के लिए है, बाकी लोगों के लिए नहीं है. इस बात की सूचना भी बार-बार दी जाती है. लिफ्ट का वार्षिक कॉन्ट्रैक्ट होता है और समय-समय पर इसकी देखरेख भी होती रहती है. इसके साथ ही लिफ्ट पर एक अटेंडेंट भी तैनात है. आगे से कोई दिक्कत होगी तो उसे दिखाया जाएगा.