लखनऊ नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान में शुक्रवार को बाघ किशन की मौत हो गई. वह पिछले 13 साल से कैंसर से जूझ रहा था. उसका लगातार इलाज किया जा रहा था. जानकारी के मुताबिक 1 मार्च 2009 को किशनपुर टाइगर रिजर्व दुधवा नेशनल पार्क से बाघ किसन को रेस्क्यू करके लाया गया था. जानकारी के मुताबिक 2008 में बाघ किशन का स्थानीय लोगों पर हमला बढ़ गया था. इसके बाद उसे रेस्क्यू कर लिया गया था.
इसके बाद उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया था, तब पता चला था कि किशन को हिमेंजिओसार्कोनोमा नाम का कैंसर था. यह कैंसर उसके कान और मुंह में फैला हुआ था. अपनी इस समस्या के कारण वह शिकार नहीं कर पाता था. बहरहाल कैंसर की पहचान होने के बाद 13 सालों तक देख-रेख की गई, उसका लगातार ट्रीटमेंट किया गया. प्राणी उद्यान के निदेशक वीके मिश्रा के मुताबिक वन्यजीव चिकित्सकों और प्राणी उद्यान के स्टाफ द्वारा नर बाघ किशन को श्रद्धांजलि दी गई.