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वाराणसी में 'लुटेरी दुल्हन गैंग' का भंडाफोड़, शादी के नाम पर ठगी करने वाले 6 गिरफ्तार

वाराणसी पुलिस ने फिल्मी अंदाज में शादी कर ठगी करने वाले 'लुटेरी दुल्हन गैंग' का भंडाफोड़ किया है. इस गिरोह में 3 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. गिरोह शादी के बहाने लोगों से लाखों रुपये ऐंठता था. फिर दुल्हन समेत सभी सदस्य फरार हो जाते थे.

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दूल्हा और दुल्हन.
दूल्हा और दुल्हन.

वाराणसी पुलिस ने फिल्मी अंदाज में शादी कर ठगी करने वाले 'लुटेरी दुल्हन गैंग' का भंडाफोड़ किया है. इस गिरोह में 3 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. गिरोह शादी के बहाने लोगों से लाखों रुपये ऐंठता था और फिर दुल्हन समेत सभी सदस्य फरार हो जाते थे. पुलिस ने शादी के बाद लाखों रुपये लेकर दुल्हन के फरार होने की शिकायत पर गिरोह का भंडाफोड़ किया है.

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दरअसल, राजस्थान के नागौर जिले के निवासी घनश्याम (पीड़ित दूल्हा) ने लंका थाने में शिकायत दर्ज कराई कि सुमेर सिंह नामक व्यक्ति ने उन्हें शादी के लिए लड़की (संगीता) का प्रस्ताव दिया. उसने यह भी बताया कि लड़की मेरी साली है. उसका नाम संगीता है, अगर वह तुम्हें पसंद आ जाए तो मैं तुम्हारी शादी करा दूंगा. उसकी बातों पर विश्वास करके मैं अपने छोटे भाई महावीर राम के साथ वाराणसी आ गया.

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इसके बाद सुमेर मुझे काशी विश्वनाथ ले गया और दुल्हन संगीता से मिलवाया. मौके पर लड़की के चाचा अनिल, बहनोई प्रसन कुमार, मां शोभा देवी और चाची गुड़िया मौजूद थे. दुल्हन पसंद आने के बाद ये लोग मुझे नगवा स्थित एक घर में ले गए और मेरी शादी करा दी. शादी की रस्म पूरी होने के बाद इन लोगों ने मुझे विदा कर दिया. जब लड़की मडुवाडीह स्टेशन पहुंची, तो बहाना बनाकर अपने कथित भाई के साथ बाइक पर बैठकर भाग गई और धीरे-धीरे सभी लोग वहां से चले गए.

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लुटेरी दुल्हन

फिर मैं वापस आया और इन लोगों के बारे में पूछताछ की, तो पता चला कि इन लोगों ने मुझे ठग कर मुझसे 1 लाख 17 हजार रुपये ऐंठ लिए हैं. ये लोग लड़की के रिश्तेदार नहीं, बल्कि एक गिरोह के सदस्य थे. शिकायत के आधार पर स्थानीय थाने में मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने लुटेरी दुल्हन समेत कुल 3 महिलाओं और 3 पुरुषों को गिरफ्तार किया, जो फर्जी रिश्तेदार बनकर फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल करते थे.

'मुख्य आरोपी सुमेर सिंह राजस्थान का रहने वाला है'

पुलिस के पूछताछ में पता चला कि सुमेर सिंह राजस्थान का रहने वाला है और अविवाहित लोगों को फंसाता है. फिर उनसे पैसे लेता है और शादी के लिए वाराणसी लाता है. जहां उसके गिरोह के सदस्य पूरी तैयारी करते हैं. लड़की दिखाने से लेकर शादी कराने तक का सारा काम ये लोग करते हैं. लड़की के सभी रिश्तेदार (मां, बहन, मौसी, जीजा और भाभी) काल्पनिक होते हैं. ये लोग लड़के से मिले पैसे आपस में बांट लेते हैं और लड़की को स्टेशन पर छोड़ने जाते हैं. इसके बाद ट्रेन आने से पहले लड़की कोई बहाना जैसे पानी पीना, पेट दर्द या कोई और बहाना बनाकर गायब हो जाती है. इस तरह इन लोगों का एक संगठित गिरोह पैसों के लिए धोखाधड़ी और जालसाजी करके आपराधिक वारदातों को अंजाम देता है.

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी.
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी.

आरोपी की पहचान- मुख्य आरोपी सुमेर सिंह (40) राजस्थान और अन्य सदस्य विभा (फर्जी नाम संगीता), शोभा देवी, अनिल, प्रसन कुमार और आसिया के के रूप में हुई है. वहीं, लुटेरी दुल्हन गिरोह के बदमाशों के पास से कुल 4900 रुपए नगद, 6 मोबाइल फोन, 4 आधार कार्ड और एक जाली आधार कार्ड की फोटोकॉपी बरामद हुई है. वाराणसी के काशी जोन के डीसीपी गौरव बंसल ने बताया कि इस गिरोह के बारे में और जानकारी जुटाई जा रही है कि इसके सदस्य कहां सक्रिय हैं और जांच की जा रही है.

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