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'जादुई सिक्के' के लिए फूफा-भतीजे का बेरहमी से कत्ल, नौकर ने रची खूनी साजिश, Bulandshahr डबल मर्डर की पूरी कहानी

Bulandshahr Double Murder: पुलिस के मुताबिक ये हत्याकांड कथित 'जादुई सिक्के' के चक्कर में हुआ था. दरअसल, मृतक फूफा और भतीजे के पास एक प्राचीन सिक्का था, जिसे ये चमत्कारी बताते थे. सिक्का पाने के लिए नौकर ऋषभ ने साथी संग मिलकर दोनों का मर्डर कर दिया.

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बुलंदशहर: पुलिस की गिरफ्त में हत्यारोपी (मास्क लगाए)
बुलंदशहर: पुलिस की गिरफ्त में हत्यारोपी (मास्क लगाए)

यूपी के बुलंदशहर जिले में हुए डबल मर्डर का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस के मुताबिक ये हत्याकांड 'जादुई सिक्के' के चक्कर में हुआ था. दरअसल, मृतक फूफा और भतीजे के पास एक प्राचीन सिक्का था, जिसे ये चमत्कारी बताते थे. सिक्का पाने के लिए नौकर ऋषभ ने साथी संग मिलकर दोनों का मर्डर कर दिया. हत्यारोपी सिक्के को बेचने के लिए विदेशी कस्टमर भी ढूंढ रहे थे. लेकिन उससे पहले पुलिस के हत्थे चढ़ गए. 

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बता दें कि बीते दिनों सुधीर अग्रवाल और राजीव गर्ग के लहूलुहान शव नहर किनारे मिले थे. दोनों रिश्ते में फूफा–भतीजे थे. तीन दिन खोजबीन के बाद 4 अप्रैल को पुलिस ने ऋषभ और उसके साथी गिरफ्तार कर इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया. पुलिस ने दावा किया कि कथित चमत्कारी सिक्का प्राप्त करने के लिए ऋषभ ने अपने दोस्त के साथ मिलकर राजीव गर्ग और उसके फूफा सुधीर गर्ग की निर्मम हत्या की थी. पुलिस ने हत्यारोपियों के पास आला कत्ल भी बरामद किया है. 

जानिए पूरी कहानी 

मामले में एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया दिनांक 31 मार्च को राजीव गर्ग निवासी ब्रहम्पुरी थाना कोतवाली नगर अपने फूफा सुधीर निवासी डीसीएम वाली गली (गांधी चौक) के साथ एआरटीओ ऑफिस के पास स्थित जनसेवा केंद्र से किसी कार्य के लिए निकले थे. लेकिन घर नही पहुंचे. 

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इसके अगले दिन यानि 1 अप्रैल को राजीव गर्ग व सुधीर अग्रवाल के शव थाना कोतवाली देहात क्षेत्रान्तर्गत अडौली नहर के पास मिले थे.  घटना के संबंध में मृतक के परिजन संजीव गर्ग की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई. तकनीकी साक्ष्यों व 200 सीसीटीवी कैमरों की सहायता से ऋषभ व उसके दोस्त तनु का नाम प्रकाश में आया, जिनको स्वाट टीम व थाना कोतवाली देहात पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया. 

हत्या की वजह 

अभियुक्तों की निशादेही पर अडौली नहर से आलाकत्ल चाकू, मृतक की स्कूटी, मोबाइल फोन बरामद किया गया है. पूछताछ में पता चला कि आरोपी ऋषभ  मृतक राजीव गर्ग के जनसेवा केन्द्र पर कार्य करता था. मृतक राजीव पर उसके 80 हजार रुपये उधार थे तथा कुछ महीने का वेतन भी नहीं मिला था. 

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राजीव से उसने कई बार अपने रुपये मांगे थे लेकिन वह दो-चार दिन में देने की बोलकर टाल देता था. करीब डेढ़ माह पहले दोनों में इसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी. इस बात को लेकर वह क्षुब्द व बेहद आक्रोशित था. साथ ही ऋषभ को पता चला कि राजीव के पास एक 'चमत्कारी सिक्का' है, जिसके बारे में उसने राजीव से ही सुन रखा था. इस सिक्के को पाने के लिए और राजीव के व्यवहार से तंग आकर ऋषभ ने खौफनाक कदम उठाया. 

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पुलिस की माने तो हत्यारोपियों को अन्धविश्वास था कि इस सिक्के की सहायता से मौसम को बदला जा सकता है तथा वर्षा भी कराई जा सकती है. इतना ही नहीं मनचाही इच्छा भी पूरी की जा सकती है. इसी लालच में आकर ऋषभ द्वारा अपने दोस्त तनु को साथ मिलाकर राजीव को मारने की योजना बनाई गई. 

पहले एक को निपटाया, फिर चालाकी से दूसरे को भी मार डाला 

एसएसपी ने आगे बताया कि दिनांक 31 मई को राजीव अपने जनसेवा केन्द्र पर नहीं आया था तो ऋषभ ने अडौली तिराहे पर स्थित एक चाय वाले के मोबाइल से फोन करके उसे जनसेवा केन्द्र पर बुलाया था. जब राजीव स्कूटी से कुछ कागजात लेकर जाने लगा तो ऋषभ भी स्कूटी पर यह कहकर बैठ गया कि उसे भी रास्ते में कुछ काम है. 

योजनानुसार ऋषभ राजीव को अडौली नहर पर ले गया, जहां रास्ते में नहर पर पहले से ही मौजूद अपने दोस्त तनु को भी स्कूटी पर बैठा लिया तथा कुछ दूरी पर जाकर दोनों ने राजीव पर पीछे से चाकू से वार कर दिया जिससे स्कूटी अनियंत्रित होकर गिर गई. तभी उन्होंने राजीव का गला रेत कर हत्या कर दी. 

उसके बाद ऋषभ मृतक की स्कूटी लेकर दुकान पर गया और राजीव के फूफा सुधीर अग्रवाल को राजीव का एक्सीडेंट होने की बात बताकर अपने साथ ले गया तथा उनकी भी हत्या कर दी. अभियुक्त ऋषभ द्वारा मृतक राजीव के एटीएम से 5000 रुपये भी निकाले गये तथा हत्या के बाद आलाकत्ल चाकू, स्कूटी व फोन को नहर में फेंक दिया गया, जिनको बरामद कर लिया गया है. 

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