scorecardresearch
 

'शास्त्रों में कहीं भी 144 साल बाद महाकुंभ का जिक्र नहीं', यूपी विधानसभा के बजट सत्र से पहले बोले सपा नेता शिवपाल यादव

उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले ही दिन समाजवादी पार्टी ने योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. सपा के वरिष्ठ नेता और विधायक शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि शास्त्रों में कहीं भी 144 वर्ष बाद कुंभ आने का उल्लेख नहीं है, अगर है तो ये लोग बताएं.  

Advertisement
X

उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले ही दिन समाजवादी पार्टी ने योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. पार्टी के नेताओं ने महाकुंभ भगदड़, मिल्कीपुर उपचुनाव में कथित धांधली, पेपर लीक आदि मुद्दों पर कड़े तेवर दिखाए हैं. इस बीच सपा के वरिष्ठ नेता और विधायक शिवपाल सिंह यादव ने महाकुंभ को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि शास्त्रों में कहीं भी 144 वर्ष बाद कुंभ आने का उल्लेख नहीं है, अगर है तो ये लोग बताएं.  

Advertisement

समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव ने कहा- "सरकार के पैसे का दुरुपयोग पीआर के लिए किया गया है, ऐसी सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए. अव्यवस्थाओं का बोलबाला है."

ये भी पढ़ें- यूपी विधानसभा बजट सत्र: कोई अस्थि कलश लेकर, कोई जंजीरों में बंधकर पहुंचा सदन...

शिवपाल ने आरोप लगाया कि सरकार सनातन धर्म का दिखावा करके लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ कर रही है. सरकार का वास्तविक उद्देश्य जनता के विश्वास का दोहन करना है. इन लोगों का आस्था से कोई संबंध नहीं है. 

सपा नेता ने रेल मंत्री के खिलाफ टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए. इस मामले में सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई. शिवपाल ने महाकुंभ में हुई भगदड़ और वहां हुई मौतों के आंकड़ों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि सरकार इस पर मौन है. यूपी विधानसभा में ऐसे तमाम मुद्दों को लेकर हम सरकार से सवाल पूछेंगे.

Advertisement

न्यूज एजेंसी से बात करते हुए शिवपाल यादव ने राज्यपाल अभिभाषण पर कहा- "यह सरकार का बनाया हुआ पूरा झूठा भाषण था. राज्यपाल महोदया ने इस झूठे भाषण को पूरा पढ़ा ही नहीं. समाजवादी पार्टी के सभी विधायकों की भी यही मांग थी कि इस झूठे भाषण को ना पढ़ा जाए..."

बीजेपी सांसद का सपा को जवाब 

वहीं, बीजेपी सांसद दिनेश शर्मा ने महाकुंभ को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर कहा, "...शायद विपक्ष तलाश रहा है कि (महाकुंभ में) कोई दुर्घटना घट जाए... अगर सरकार किसी चीज को कुछ देर के लिए रोकती है तो यह व्यवस्था का ही एक भाग है... मैं पूछना चाहता हूं कि विपक्ष के लोग जब सत्ता में थे तो उन्होंने क्या किया था? केवल 4 से 5 करोड़ श्रद्धालु आए थे लेकिन कितनी अव्यस्थाएं थीं... आज अगर कहीं आग लगी है तो 5 से 7 मिनट में उसे बुझा भी लिया गया है। संकट के निदान की व्यवस्थाएं हैं... दिल्ली की घटना निश्चित रूप से दुखद है लेकिन उसके बाद उसे नियंत्रित किया गया... संयम के साथ व्यवस्था के लिए जिम्मेदार लोगों ने इस पर नियंत्रण किया है... उनकी(श्रद्धालुओं) सुविधा के लिए सरकार सारे प्रयत्न कर रही है."

Live TV

Advertisement
Advertisement