महाकुंभ वर्ष में पड़ने वाली महाशिवरात्रि इस बार ऐतिहासिक होने वाली है. काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड तोड़ भीड़ उमड़ने की संभावना है. इसे देखते हुए मंदिर प्रशासन ने VIP दर्शन, स्पर्श दर्शन, विशेष दर्शन और सभी प्रोटोकॉल को पूरी तरह से निलंबित कर दिया है.
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि इस बार महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की संख्या पिछले साल से कहीं ज्यादा होने वाली है. महाकुंभ के कारण हर दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, ऐसे में 26 फरवरी को ऐतिहासिक भीड़ देखने को मिलेगी.
मंदिर में होगी 32 घंटे की विशेष आराधना
महाशिवरात्रि की रात 12 बजे से मंगला आरती के बाद दर्शन-पूजन शुरू हो जाएगा और अगले दिन की भोग आरती तक लगातार 32 घंटे तक चलता रहेगा. इस दौरान किसी भी प्रकार की स्पेशल एंट्री या टिकट बुकिंग उपलब्ध नहीं होगी.
बीते साल पहुंचे थे 10 लाख श्रद्धालु
2023 में 10 लाख से अधिक भक्तों ने रात्रि 12 बजे तक बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए थे, जो भोर तक 12 लाख तक पहुंच गया था. इस बार यह संख्या और बढ़ने की संभावना है, इसलिए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एन्ड टू एन्ड बैरिकेडिंग और चिकित्सकीय टीम को तैनात किया गया है.
VIP दर्शन पूरी तरह बंद
महाशिवरात्रि पर VIP दर्शन, स्पर्श दर्शन और विशेष दर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे. मंदिर न्यास की ओर से ही रुद्राभिषेक पारंपरिक विधि से संपन्न कराया जाएगा. काशी के भक्त शिव बारात में शामिल होने के साथ-साथ बाबा के दर्शन को लेकर बेहद उत्साहित हैं. मंदिर प्रशासन की तरफ से श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराने की पूरी व्यवस्था की जा रही है.