उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के डीएम अंजनी कुमार सिंह सुर्खियों में हैं. आरोप है कि समाधान दिवस के दौरान अपनी समस्या लेकर आई मां-बेटी को डीएम ने सिर्फ इसलिए पुलिस के हवाले करवा दिया क्योंकि उन्होंने उनके सामने ऊंची आवाज में बात कर ली थी. हालांकि, जब इस मामले ने तूल पकड़ा तो डीएम खुद कैमरे के सामने आए और सफाई दी. उन्होंने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए 'सच्चाई' बताई. वहीं, पीड़ित मां-बेटी ने भी आपबीती बयां की और डीएम के दावे को गलत बताया.
दरअसल, बीते दिन मैनपुरी के किसनी तहसील में समाधान दिवस का आयोजन किया गया था. इसमें उच्च अधिकारी जनसमस्याओं की सुनवाई कर रहे थे. दावा किया गया कि इसी दौरान एक मां-बेटी की जोड़ी ने समाधान दिवस में अपनी समस्या बताते हुए हंगामा कर दिया. इससे नाराज डीएम ने दोनों को पुलिस की सुपर्दगी में थाने भिजवा दिया, फिर 151 में दोनों का शांति भंग में चालान करने के बाद घर भिजवा दिया गया.
हालांकि, सोशल मीडिया पर एक और दावा किया गया कि डीएम फरियादी द्वारा ऊंची आवाज में बात किए जाने से नाराज हो गए थे. इसलिए उन्होंने मां-बेटी को कक्ष से बाहर करवा दिया और पुलिस के हवाले करवा दिया. जब ये मामला मीडिया की सुर्खियों में आया तो डीएम मैनपुरी ने अपना पक्ष रखा वहीं, पीड़ित मां-बेटी ने भी अपनी कहानी बताई.
डीएम ने पेश की सफाई
इस पूरे मामले में जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि मैंने किसी को जेल भेजने की बात नहीं कही थी. मां-बेटी का कुछ जमीन को लेकर विवाद था. उनकी पूरी समस्या सुनी गई और आश्वासन भी दिया गया कि जांच के बाद कार्यवाही की जाएगी. लेकिन मां-बेटी कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थी. दोनों बार-बार आत्महत्या करने की बात कह रही थीं. इसीलिए एहतियातन दोनों को थाना भिजवा दिया गया और जब वे शांत हो गए तो सकुशल घर भिजवा दिया गया. क्योंकि, अभी दो दिन पूर्व ही मैनपुरी कलेक्ट्रेट परिसर पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्महत्या करने की कोशिश की गई थी. फिलहाल, मैंने किसी को भी जेल भेजने के लिए नहीं कहा है. जो कुछ भी मीडिया में चल रहा है वह बिल्कुल असत्य और निराधार है.
पीड़िता ने कही ये बात
वहीं, पीड़िता राधा देवी ने बताया कि मेरा खेत मेरे नाम है. मगर 2018 से दूसरे पक्ष का डेढ़ बीघे पर कब्जा है, वो कब्जा छोड़ नहीं रहे हैं.
कानूनगो नाप कर गये थे, लेकिन कब्जा नहीं हटा. इसको लेकर समाधान दिवस पर अधिकारी से शिकायत करने गई थी. अपनी एप्लीकेशन उनके सामने पेश किया और समस्या बताने लगी. तभी डीएम साहब एकदम गुस्से में आ गए. पुलिस बुलवाकर हमें थाने भिजवा दिया. साथ ही कहा कि इनको थाने ले जाकर डंडे मारो और जेल में डाल दो.
जबकि, पीड़िता की लड़की ने कहा कि हम अपनी समस्या सुना रहे थे, तभी वे नाराज हो गए. बोले कि चार डंडा मार कर इन्हें भगाइये और दो-चार दिन जेल में डलवाइये. लड़की ने आगे कहा कि मेरे पिता का निधन हो गया है. वर्ष 2018 से मामला चल रहा है. पूर्व में वह भी शिकायत कर चुके हैं. अब हम करने गए थे. लेकिन कब्जा नहीं हट रहा. कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही.