अयोध्या में श्रीराम मंदिर और दिल्ली मेट्रो को बम से उड़ाने की धमकी के मामले में हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ है. आरोपी ने अपनी गर्लफ्रेंड के भाई को फंसाने के लिए यह साजिश रची थी. उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. जिसकी पहचान अनिल रामदास घोड़के उर्फ बाबा जान मूसा के रूप में हुई है. उसकी साजिश में उसकी पत्नी विद्याशंकर धोत्रे उर्फ जार्ड सतन भी शामिल थी. मामला श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़ा था, इसलिए अयोध्या पुलिस हरकत में आई और मामले का खुलासा किया.
गौरतलब है कि महाराष्ट्र के चेम्बूर का रहने वाले अनिल रामदास घोड़के की गर्लफ्रेंड ने उसकी किसी बात को मानने से इनकार कर दिया था. इस पर उसने उसे और उसके परिवार को बम से उड़ाने की धमकी दे डाली. सीओ अयोध्या एस पी गौतम की माने तो बाबा जान मूसा ब्लैकमेलिंग के अपराध से जुड़ा है. वो अपनी गर्लफ्रेंड को भी ब्लैकमेल कर रहा था.
उसने पत्नी के साथ मिलकर प्रेमिका के भाई बिलाल को फंसाने के लिए साजिश का ताना-बाना बुना. वो इंटरनेट और कंप्यूटर का अच्छा जानकार है. उसने दिल्ली में रहने वाले बिलाल के मोबाइल नंबर को दूसरे मोबाइल पर स्वाइप करके इंटरनेट कॉलिंग के जरिए धमकी देने के लिए इस्तेमाल किया. उसकी योजना थी कि जब नंबर ट्रैक होगा तो धमकी देने वाला नंबर बिलाल का आएगा. इसके बाद बिलाल पुलिस की गिरफ्त में होगा और गर्लफ्रेंड का परिवार मुसीबत में आ जाएगा. मगर अयोध्या पुलिस की सक्रियता के चलते उसकी साजिश का खुलासा हो गया.
इस प्रकरण में क्षेत्राधिकारी अयोध्या शैलेंद्र प्रताप गौतम ने बताया कि 2 फरवरी को एक व्यक्ति द्वारा रामलला सदन के मनोज कुमार को सूचना दी गई कि राम मंदिर को उड़ा दिया जाएगा. यह सूचना उन्होंने स्थानीय पुलिस को दी. इस पर प्रभारी पुलिस अधीक्षक उप महानिदेशक द्वारा एक टीम का गठन किया गया. केस दर्ज कर जांच शुरू की गई तो बिलाल का नाम सामने आया.
उससे दिल्ली जाकर पूछताछ की गई. इस दौरान पता चला कि उनकी बहन और अनिल के बीच अफेयर का पता चला. जांच आगे बढ़ी और एक-एक कर परतें खुलती गईं. अनिल रामनाथ घोड़के अहमदनगर का रहने वाला है. उनके पास से 9 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं. साथ ही तीन पैन कार्ड, 5-7 बैंकों की चेक बुक और एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं.