
सुल्तानपुर मे दिनदहाड़े ज्वैलरी शोरूम को लूटने के मामले में एक लाख के इनामी मंगेश यादव का यूपी एसटीएफ ने एनकाउंटर किया तो सवाल खड़े होने लगे. सवाल मंगेश यादव के एनकाउंटर से पहले गैंग के सरगना और मुख्य आरोपी विपिन सिंह के द्वारा रायबरेली में किए गए सरेंडर पर भी उठे.
समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया कि पुलिस अपराधी की जाति देखकर गोली चलाती है. मंगेश का एनकाउंटर इसलिए किया क्योंकि वह यादव था जबकि इस वारदात में शामिल मुख्य आरोपी विपिन सिंह का सरेंडर करवाया गया. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वास्तव में विपिन सिंह मंगेश यादव से बड़ा बदमाश है, जिसके सरेंडर को लेकर सवाल उठ रहे हैं. आइए आंकड़ों से समझते हैं...
कौन बड़ा बदमाश? मंगेश यादव या विपिन सिंह
आंकड़ों के मुताबिक, एनकाउंटर में ढेर हुए मंगेश यादव से ज्यादा खतरनाक अपराधी विपिन सिंह है. विपिन पर गुजरात से लेकर उत्तर प्रदेश के आठ जिलों में लूट, डकैती, चोरी, हत्या का प्रयास के 36 मुकदमे दर्ज हैं. वहीं, मंगेश यादव पर आठ मुकदमे दर्ज थे.
विपिन सिंह पर सुल्तानपुर, अमेठी और रायबरेली से गैंगस्टर एक्ट लग चुका है. जबकि, मंगेश यादव पर गैंगस्टर एक्ट में एक मुकदमा दर्ज था.
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सरेंडर कर जेल गए विपिन सिंह पर रायबरेली, अमेठी और लखनऊ में हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज है. विपिन ने गुजरात के सूरत में दिनदहाड़े लूट की थी. इस मामले में भी उसपर एक केस दर्ज है.
बता दें कि विपिन सिंह पर लखनऊ में 5, अमेठी में 11, सुल्तानपुर में 7, रायबरेली में 8, फतेहपुर में 2, बाराबंकी और जौनपुर में 1-1 मुकदमे के साथ-साथ गुजरात के सूरत में भी लूट का 1 मुकदमा दर्ज है. विपिन पर आर्म्स एक्ट के 7 मुकदमे दर्ज हैं.
वहीं, मंगेश पर चोरी और लूट के 7 मुकदमे दर्ज थे. हत्या के प्रयास आर्म्स एक्ट का कोई मुकदमा नहीं दर्ज था. सुल्तानपुर में भरत ज्वैलर्स के डकैती से पहले मंगेश यादव पर डकैती का कोई मुकदमा नहीं था.
9 और बदमाशों पर एक-एक लाख का इनाम घोषित
इस बीच 4 सितंबर को विपिन सिंह ने रायबरेली कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जबकि 5 सितंबर को मंगेश यादव को मुठभेड़ में मार गिराया गया.
वहीं, सुल्तानपुर में ज्वैलरी शोरूम में डकैती केस में फरार चल रहे 9 और बदमाशों पर एक-एक लाख का इनाम घोषित किया गया है. जिनमें फुरकान, अरबाज, विनय शुक्ला, अंकित यादव, अजय यादव, अरविंद यादव, विवेक सिंह, अनुज प्रताप सिंह, दुर्गेश प्रताप सिंह का नाम शामिल है. गौरतलब है कि बीते 28 अगस्त को हुई इस घटना में 3 सितंबर को सचिन सिंह, गोविंद सिंह और त्रिभुवन को मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार किया जा चुका है.
सुल्तानपुर एनकाउंटर पर सियासत
उधर, सुल्तानपुर एनकाउंटर को लेकर सियासत तेज है. सपा-कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल यूपी सरकार पर हमलावर हैं. अखिलेश यादव तो शुरू में ही इस एनकाउंटर को फर्जी बता चुके हैं.वहीं, अब राहुल गांधी ने भी इसको लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. इन सबके बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने एनकाउंटर पर सवाल उठाने वाले नेताओं पर तीखा हमला बोला.
सीएम योगी ने कहा कि जो लोग डकैत के एनकाउंटर पर सवाल उठा रहे हैं, अगर डकैत दुकान में मौजूद ग्राहकों को एक तरफ करके गोली मार देते तो क्या समाजवादी पार्टी उनकी जान को वापस कर पाती?