उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक फर्जी आईपीएस पुलिस के हत्थे चढ़ गया. वो आईपीएस ऑफिसर बनकर लोगों पर धौंस जमाता था और ठगी की वारदात को अंजाम देता था. इस बीच पुलिस से जब उसका आमना-सामना हुआ तो मुठभेड़ हो गई. इस मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी है.
फर्जी आईपीएस बनकर ठगी करने वाले शख्स का नाम राधेश्याम उर्फ सुभाष कुंतल है. राधेश्याम पर कई मुकदमे दर्ज हैं. वो शातिर किस्म का अपराधी है. पुलिस को सूचना मिली थी कि पिछले कुछ समय से एक शख्स आईपीएस बनकर लोगों को धमका रहा है. अवैध वसूली, FIR की धमकी देना, ठगी जैसे कारनामों को अंजाम दे रहा है. उससे परेशान होकर पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई तो पुलिस शिद्दत से जांच में जुट गई.
पुलिस से राधेश्याम की मुठभेड़ हो गई
बीती रात पुलिस से राधेश्याम की मुठभेड़ हो गई, जिसमें उसके पैर में गोली लगी. घायल हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया. जहां इलाज के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने उसके कब्जे से 21 फर्जी विजिटिंग कार्ड बरामद किए हैं. ये कार्ड्स आईपीएस ऑफिसर जैसे थे. इसके अलावा राधेश्याम के पास से तमंचा, बाइक व अन्य सामान बरामद किया गया है.
पुलिस ने बताया कि पकड़ा गया बदमाश राधेश्याम खुद को आईपीएस ऑफिसर बताकर लोगों को फोन कर धमकाता था. धोखाधड़ी का काम करता था. इतना ही नहीं राधेश्याम जिले के थानेदारों को फोन कर उनसे मुकदमों की जानकारी भी लेता था. फिर केस से संबंधित आरोपितों से नाम निकालने के लिए मोटी धनराशि वसूलता था.
उसपर कुल 13 मुकदमे दर्ज हैं. थाना मगोर्रा पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने उसको गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि बीते दिनों तेल चोरी के मामले में भी शातिर राधेश्याम पुलिस को फोन कर वांछितों की जानकारी ली थी. बाद में जब इसकी जानकारी पुलिस को हुई तो मामला दर्ज कर SOG को उसकी गिरफ्तारी में लगाया गया.