उत्तर प्रदेश के संभल से तंत्र विद्या की आड़ में यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. पुलिस ने मथुरा की एक यूनिवर्सिटी में इनफॉर्मेशन साइंस के प्रोफेसर और लाइब्रेरियन को गिरफ्तार किया है, जो ‘धनवर्षा गैंग’ का सदस्य था. यह प्रोफेसर तंत्र क्रिया के नाम पर लड़कियों की लंबाई फीते से नापकर उन्हें गैंग में शामिल करता था. पुलिस ने उसके मोबाइल से कई आपत्तिजनक वीडियो, तस्वीरें और चैट्स बरामद की हैं. आरोपी के मोबाइल से कुछ फॉर्म भी मिले हैं, जिन्हें भरवाने के बाद ही लड़कियों को शामिल करते थे.
दरअसल, संभल पुलिस ने 28 मार्च को तंत्र विद्या और पैसों की बारिश के नाम पर यौन शोषण करने वाले धन वर्षा गैंग में शामिल एक स्टेशन मास्टर सहित 14 लोगों को अरेस्ट किया था. उनके मोबाइल से लड़कियों के आपत्तिजनक वीडियो और फोटो के साथ ही तंत्र विद्या में इस्तेमाल किए जाने वाले दो मुआ सांप, उल्लू और कछुए के वीडियो बरामद हुए थे.
28 मार्च को एडिशनल एसपी अनुकृति शर्मा और सीओ प्रदीप सिंह की मौजूदगी में एसपी केके बिश्नोई ने धनवर्षा गैंग का पर्दाफाश किया और पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई. इसके बाद अब धनारी पुलिस ने गैंग में शामिल मथुरा की यूनिवर्सिटी के लाइब्रेरियन और इनफॉरमेशन साइंस के प्रोफेसर दशरथ सिंह सिसोदिया को गिरफ्तार किया है.
इस गैंग में यूनिवर्सिटी का लाइब्रेरियन भी यौन शोषण के लिए लड़कियों को सप्लाई करने का काम करता था. पुलिस ने मथुरा यूनिवर्सिटी के लाइब्रेरियन दशरथ सिंह को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो पता चला कि लाइब्रेरियन धनवर्षा गैंग में लड़कियों को तांत्रिक गुरू तक पहुंचाने का काम करता था. इससे पहले लाइब्रेरियन के द्वारा 5 फीट 6 इंच लंबाई वाली लड़कियों की पूरी डिटेल फॉर्म में भरवाई जाती थी.
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पुलिस ने लाइब्रेरियन के मोबाइल से लड़कियों की लंबाई नापते हुए वीडियो, धन वर्षा कराते हुए वीडियो और कई लड़कियों के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बरामद किए हैं, जिसमें वे निर्वस्त्र हालत में फर्श पर दिखाई दे रही हैं. उनके पास तंत्र क्रिया का सामान भी रखा हुआ है.
एसपी केके बिश्नोई ने बताया कि 21 मार्च को धनारी इलाके से एक आरोपी का अपहरण करके उसको आगरा ले जाया गया था. उस व्यक्ति के ऊपर तंत्र क्रिया करने के बाद जब उसे एहसास हुआ कि उसे जान से मारा जा सकता है तो उसने धनारी थाने पहुंचकर सूचना दी थी. इस संबंध में 28 मार्च को खुलासा किया गया था, जिसमें 14 लोगों को पकड़ा गया था.
इस पूरे मामले में एडिशनल एसपी अनुकृति शर्मा ने जांच-पड़ताल आगे बढ़ाई. इसके बाद अब दशरथ सिंह सिसोदिया नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जो 3 साल से इस धनवर्षा गैंग से जुड़ा था. दशरथ सिंह सिसोदिया ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसकी बातचीत डीएन त्रिपाठी नाम के व्यक्ति से हो रही थी. वह इस गैंग में लड़की सप्लाई करने और लड़की को आगे तांत्रिक गुरू तक पहुंचाने का काम करता था. यह व्यक्ति यूनिवर्सिटी में लाइब्रेरी और इनफॉरमेशन साइंस का प्रोफेसर है. इस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस गिरोह के बाकी लोगों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
एसपी ने बताया कि यूनिवर्सिटी से लड़की लाने जैसा अभी तक कोई मामला जानकारी में नहीं आया है. एसपी ने आरोपियों के मोबाइल से 350 लड़कियों के फोटो मिलने की बात पर कहा कि कुछ लड़की और बच्चियों के फोटो मिले हैं, लेकिन उन बच्चों के साथ शारीरिक शोषण हुआ या नहीं, इसकी तफ्तीश हो रही है. अभी तक किसी लड़की ने आकर अपना बयान दर्ज नहीं करवाया है. पुलिस के द्वारा उन बच्चियों को मोटिवेट किया जा रहा है, अन्यथा इसी केस के आधार पर इन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराकर गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी.