यूपी के अलीगढ़ में चोरी के शक में भीड़ द्वारा फरीद नाम के शख्स को पीट-पीटकर मार डाला गया. इस घटना के बाद से इलाके में तनाव में है. हालात को सामान्य बनाए रखने के लिए भारी पुलिस फोर्स लगाई गई है. इस बीच मामले में प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ओर से बयान आया है. जमीयत प्रमुख ने प्रदेश सरकार से घटना के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी ने अलीगढ़ में भीड़ द्वारा की गई हत्या की जांच में तेजी लाने और सभी दोषियों को बिना देरी के न्याय के कटघरे में लाने की मांग की है. जमीयत प्रमुख ने मॉब लिंचिंग की घटनाओं की स्पष्ट रूप से कड़ी निंदा की. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भीड़ द्वारा की गई हत्या जैसी बर्बर हरकतों का किसी भी सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं है.
अलीगढ़ की घटना के मद्देनजर मदनी ने उत्तर प्रदेश सरकार से जांच में तेजी लाने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि इसमें शामिल सभी लोगों को बिना देरी के न्याय के कटघरे में लाया जाए. उन्होंने पीड़ित परिवार को आवश्यक सहायता और उचित मुआवजा देने की भी मांग की.
शांति बनाए रखने की अपील
मदनी ने सभी समुदायों से शांत रहने और कानूनी उपायों के माध्यम से न्याय मांगने की अपील की. उन्होंने न्याय और शांति के सिद्धांतों को बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया ताकि ऐसी घटनाओं से देश और उसके लोगों को विभाजित होने से रोका जा सके. इसके अलावा जमीयत की जिला इकाई के एक प्रतिनिधिमंडल ने अन्य नागरिक संगठनों के साथ मिलकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और संवेदना व्यक्त की.
मालूम हो कि अलीगढ़ में मंगलवार रात को एक व्यक्ति को भीड़ ने कथित तौर पर चोरी के आरोप में पीट-पीटकर मार डाला, जिससे सांप्रदायिक तनाव फैल गया. पुलिस ने बताया कि मामू भांजा इलाके में 35 वर्षीय फरीद पर भीड़ द्वारा हमला करने के बाद छह लोगों को गिरफ्तार किया गया. भीड़ में शामिल सात लोगों की पहचान कर ली गई है.
पुलिस ने बताया कि जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, फरीद गंभीर रूप से घायल हो चुका था और उसे मलखान सिंह अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई.
वहीं, मामले में पुलिस अधीक्षक (शहर) एम शेखर पाठक ने कहा कि मृतक के परिवार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, फरीद काम से घर लौट रहा था, जब मंगलवार रात को चोरी के संदेह में कुछ निवासियों ने उसे घेर लिया और पीटा. पिटाई से उसकी मौत हो गई. घटना की खबर फैलते ही सैकड़ों लोग अस्पताल में जमा हो गए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की. फिलहाल, शांति व्यवस्था कायम है. इलाके में फोर्स लगाई गई है. हालात पर नजर बनी हुई है.