अपनी पार्टी के युवा नेता धर्मात्मा निषाद के सुसाइड मामले में यूपी सरकार के मंत्री संजय निषाद ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि सबको मालूम है ये गहरी साजिश है, इसमें कुछ अपने लोग ही शामिल हैं, जो आस्तीन के सांप हैं. इसीलिए मैं चाहता हूं मामले की सीबीआई जांच हो. जांच में जो तथ्य सामने आए उसी के आधार पर कार्रवाई की जाए.
संजय निषाद ने कहा कि उसके फेसबुक पेज (धर्मात्मा निषाद) को कोई एक हैंडल नहीं करता था, और लोगों का हाथ हो सकता है. वह (धर्मात्मा निषाद) विपक्ष के लोगों के बहकावे में नाराज हो जाता था. मैं तो 76 दिन से बाहर हूं. ऐसे में जांच का विषय है कि इस समय उसके संपर्क में कौन था. किसने उसको ये कदम उठाने के लिए प्रेरित किया. ये हत्या है या आत्माहत्या... जांच का विषय है. क्योंकि, लिखावट में चेंज है.
बकौल संजय निषाद- ये विरोधियों की साजिश है. साढ़े 8 बजे की घटना और साढ़े 9 बजे पोस्ट पब्लिश होता है. आप खुद समझ सकते है किस तरीके की साजिश है. इसका पर्दाफाश होना चाहिए. जांच होने तक लोगों को धैर्य रखना चाहिए. विरोधी लोग घड़ियाली आसूं बहा रहे हैं.
मंत्री संजय निषाद ने आगे कहा कि वह (धर्मात्मा निषाद) ऐसा कदम नहीं उठा सकता. ना ही ऐसा लिख सकता है. जब कभी नाराज होता था तो हमसे बात करता था, कभी इस तरीके का कुछ नहीं किया, मेरे साथ हर रैली में रहता था, वो बेटा है, हमारा कार्यकर्ता है.
हम तो हर कार्यकर्ता को आगे बढ़ाना चाहते हैं, कोई गलती होगी तो डांटेंगे भी, गलतियों पर डांटेंगे नहीं तो सुधार कैसे होगा. अब उसको कोई दूसरे रूप में ले तो क्या कहा जाए. वह 6 महीने से मेरे साथ है, उसके परिवारवालों की जो भी मदद कर सकते हैं, करेंगे.