उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में हुई 2 दलित लड़कियों की मौत की वजह जानने में पुलिस जुटी हुई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि वे फांसी लगाने से मरी थीं और यह आत्महत्या का मामला था, जबकि उनके परिवार के सदस्यों ने गड़बड़ी की आशंका जताई है. उधर, मौके से एक मोबाइल और एक सिम कार्ड मिले हैं. पुलिस अब साइबर एक्सपर्ट्स की मदद ले रही है.
दरअसल, घटनास्थल पर छानबीन के दौरान पुलिस को बड़ी लड़की (18 साल) के कपड़ों से एक मोबाइल बरामद किया. यह मोबाइल उसके ममेरे भाई का निकला. जबकि छोटी लड़की (15 साल) के कपड़ों से एक SIM कार्ड मिला. मतलब एक लड़की के पास मोबाइल और दूसरी के पास सिम कार्ड था.
अब पुलिस यह जानने में जुटी है कि छोटी लड़की के पास से सिम कार्ड क्यों मिला? क्या बड़ी लड़की के पास से बरामद मोबाइल से छोटी का भी कुछ कनेक्शन है? आखिर Dual sim वाले मोबाइल से एक ही सिम कार्ड क्यों निकाला गया था?
डाटा रिकवर करने के लिए बरामद फोन को साइबर लैब भेजा गया है. मोबाइल के IMEI और सिम की कॉल डिटेल से भी पुलिस आत्महत्या की वजह खंगालने में जुटी है.
फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज कोतवाली क्षेत्र में 15 और 18 साल की लड़कियां 26 अगस्त को रात करीब 10 बजे जन्माष्टमी के अवसर पर पास के एक मंदिर में जाने के लिए अपने घरों से निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं. दूसरे दिन उन दोनों के शव एक बाग में पेड़ पर लटके मिले.
जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) अवनींद्र सिंह ने बताया कि डॉक्टरों के एक पैनल ने पोस्टमार्टम किया. लड़कियां फांसी लगाने के कारण मरी थीं. शवों पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं. पुलिस ने भी कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के निष्कर्ष मामले की उनकी शुरुआती जांच से मेल खाते हैं.
एसपी आलोक प्रियदर्शी ने कहा लड़कियों ने आत्महत्या की है. शवों पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं. पुलिस अब उन कारणों की जांच कर रही है, जिनकी वजह से लड़कियों ने यह कदम उठाया.
इस बीच, एक मृतक लड़की के पिता ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आए तथ्य झूठे हैं और यह रिपोर्ट फर्जी है.
यह भी पढ़ें: Farrukhabad: जन्माष्टमी की झांकी देखने रात में निकली थीं दो सहेलियां, सुबह पेड़ से लटके मिले दोनों के शव
इसको लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वावाड्रा ने यूपी सरकार पर निशाना साधा और सवाल किया कि क्या अब दलित, पिछड़े, वंचित, गरीब, महिलाएं, या जो भी कमजोर हैं, वे न्याय की आशा छोड़ दें. प्रियंका गांधी ने लड़कियों के पिता का वीडियो शेयर करते हुए पोस्ट किया, इतनी भयावह घटना के बाद एक पिता को ये सवाल क्यों उठाने पड़ रहे हैं? क्या एक पीड़ित पिता का ये भी हक नहीं कि उसे अपनी बेटी के साथ हुए सुलूक का सच पता चल सके? आखिर प्रशासन बच्चियों के शवों को जलाने की जल्दबाजी क्यों दिखा रहा है?''
विपक्षी नेताओं ने कहा कि फर्रुखाबाद में दो दलित लड़कियों के साथ घटी घटना पर प्रशासन का रवैया कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है.