scorecardresearch
 

कभी लगाता था चाउमीन का ठेला, आज है करोड़ों का मालिक... लखनऊ में भूमाफिया पर पुलिस का एक्शन

Lucknow News: मोहनलालगंज में किसानों के साथ बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ. उनकी करीब 27 करोड़ रुपये की जमीन हड़प ली गई. इसमें तहसील कर्मियों के साथ मिलकर एक गिरोह काम कर रहा था. पुलिस ने मास्टरमाइंड सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है

Advertisement
X
लखनऊ: पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
लखनऊ: पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

लखनऊ के मोहनलालगंज में किसानों के साथ बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ. उनकी करीब 27 करोड़ रुपये की जमीन हड़प ली गई. इसमें तहसील कर्मियों के साथ मिलकर एक गिरोह काम कर रहा था. पुलिस ने मास्टरमाइंड सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. बताया जा रहा है कि इस कांड का एक अभियुक्त राजन कभी चाउमीन का ठेला लगाता था, लेकिन अब वह करोड़ों रुपये की संपत्ति का मालिक बन बैठा है.   

Advertisement

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मोहनलालगंज में किसानों के साथ हुए फर्जीवाड़े में शामिल अभियुक्त राजन कभी ठेले पर चाऊमीन बेचता था, लेकिन अब उसके पास करोड़ों का मकान है, लग्जरी गाड़ियों का काफिला है. इतना ही नहीं वह अपने साथ बाउंसर भी रखता है. 

गोसाईगंज स्थित अमेठी क्षेत्र में राजन चाऊमीन का ठेला लगाता था. शादी-बारात में डीजे बजाने का काम भी करता था. लेकिन फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार करके जमीन पर कब्जा कर उसने करोड़ों रुपये बना लिए. पैसों के दम पर वह अपनी सुरक्षा के लिए बाउंसर भी रखने लगा. 

मोहनलालगंज थाना अध्यक्ष आलोक राय ने बताया कि जांच-पड़ताल के दौरान पता चला है कि राजन पैसा कमाने की चाह में दो नंबर के काम करने लगा. फर्जीवाड़ा कर उसने अकूत संपत्ति अर्जित कर ली. राजन पर पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं. धोखाधड़ी के अलावा डराना, धमकाना और मारपीट जैसे कृत्यों में भी उसकी संलिप्तता रही है. इसके कारण उसके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जा रही है. 

Advertisement

पुलिस के अनुसार, 2016 में फर्जीवाड़ा करके और कूट रचित दस्तावेज तैयार करके उसने किसान की चार बीघा जमीन बेच दी. इस केस में वह जेल गया था. जब 2019 में जेल से छूटा तब उसने एक कंपनी से दो करोड रुपये ऐंठ लिए. इतना ही नहीं 2022 में राजन ने लापता किसान की जगह दूसरा आदमी खड़ा करके उसकी जमीन पर प्लाटिंग का काम शुरू कर दिया. 

फिलहाल, अब पुलिस इस केस में तहसील के कई कर्मचारियों की संलिप्तता की जांच कर रही है, क्योंकि बीते 25 अगस्त को किसानों ने तहसील दिवस पर लखनऊ के जिलाधिकारी से मिलकर मामले की शिकायत कर निष्पक्ष जांच की बात की थी. इसमें 27 करोड़ की जमीन का फर्जीवाड़ा सामने आया था.

Live TV

TOPICS:
Advertisement
Advertisement