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मुरादाबाद के जेलर और डिप्टी जेलर सस्पेंड, जेल अधीक्षक पर भी होगा एक्शन...संभल हिंसा के आरोपियों की सपा नेताओं से कराई थी मुलाकात

जेल में बंद संभल हिंसा के आरोपियों से समाजवादी पार्टी के नेताओं की मुलाकात के बाद मुरादाबाद के जेलर और डिप्टी जेलर को सस्पेंड कर दिया गया है. वहीं, मुरादाबाद के जेल अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया है.

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जेलर की सांकेतिक फोटो
जेलर की सांकेतिक फोटो

जेल में बंद संभल हिंसा के आरोपियों से समाजवादी पार्टी के नेताओं की मुलाकात के बाद मुरादाबाद के जेलर और डिप्टी जेलर को सस्पेंड कर दिया गया है. वहीं, मुरादाबाद के जेल अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया है. इस कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मच गया है. 

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आरोप है कि अधिकारियों ने नियम विरुद्ध जाकर समाजवादी पार्टी के नेताओं की जेल में बंद संभल हिंसा के आरोपियों से मुलाकात करवाई थी. जिसकी जानकारी होने के बाद काफी हंगामा हुआ था. जांच-पड़ताल के बाद अब एक्शन लिया गया है. 

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मुरादाबाद जेल के जेलर वीरेंद्र विक्रम यादव और डिप्टी जेलर प्रवीण सिंह पर एक्शन लेते हुए उन्हें सस्पेंड किया गया है. वहीं, जेल अधीक्षक पीपी सिंह के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को एक पत्र भेजा गया है. जेल अधीक्षक पर लापरवाही बरतने का आरोप है. 

बताया जा रहा है कि DG जेल पीवी रामशास्त्री ने संभल हिंसा में आरोपियों की नियम विरुद्ध मुलाकात पर जेलर और डिप्टी जेलर के खिलाफ सस्पेंशन की कार्रवाई की है. वहीं, मुरादाबाद जेल अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई के लिए सिफारिश की है.

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गौरतलब हो कि बीते सोमवार को समाजवादी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने संभल हिंसा मामले के आरोपियों से मुरादाबाद जिला जेल में मुलाकात की थी. इसमें सपा के पूर्व सांसद एसटी हसन भी शामिल थे. हसन के मुताबिक, उनके साथ नौगावां सादात (अमरोहा) से विधायक समरपाल सिंह, ठाकुरद्वारा से विधायक नवाब जान खां समेत कुल 15 लोग आरोपियों से मिलने जेल गए थे. 

एसटी हसन ने मुरादाबाद जिला जेल के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा था कि संभल हिंसा के बाद गिरफ्तार किए गए कई लोग यहां कैद हैं. उनपर फर्जी मुकदमा लादा गया. वे बेकसूर हैं. ऐसी घटनाओं के दौरान अक्सर निर्दोष व तमाशबीन लोग फंस जाते हैं. हमने उन लोगों को कानूनी सहायता प्रदान करने और न्याय दिलाने का भरोसा दिया है. 

मालूम हो कि यूपी के संभल जिले में 24 नवंबर को स्थानीय कोर्ट के आदेश पर शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हिंसा भड़क उठी थी, जिसके चलते चार लोगों की मौत हो गई और करीब दो दर्जन लोग घायल हो गए. घायलों में पुलिसवाले भी शामिल रहे. फिलहाल, पुलिस ने हिंसा के लिए ढाई हजार से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिनमें से अधिकांश अज्ञात हैं. संभल मामले में जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उनमें समाजवादी पार्टी के संभल से सांसद जिया उर रहमान बर्क और संभल के विधायक इकबाल महमूद के बेटे सोहेल इकबाल भी शामिल हैं. 

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