कानपुर में महिला ने गृह क्लेश से तंग आकर बेटे और बेटे को रजाई में लपेट और आग लगा ली. घटना में महिला और बेटे की जिंदा जलकर मौत हो गई है और मासूम बच्ची बुरी तरह से झुलस गई. उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने महिला के पति को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है.
दरअसल, मामला रूरा थाना क्षेत्र के घनश्यामपुर के सरवाटप्पा गांव का है. 10 साल पहले जसवंत की संगीता नाम की महिला से शादी हुई थी और उनके दो बच्चे 5 साल का हर्षित और 7 साल की बेटी आयुषी थे. शनिवार की रात में संगीता ने बेटे और बेटी को खुद के साथ रजाई में लपेटा और आग लगा दी. जिंदा जलने के कारण संगीता और हर्षित की मौत हो गई.
घर से निकल रहा था धुआं
रविवार की सुबह जब पड़ोसियों ने संगीता के घर से निकलता हुआ धुंआ देखा और अंदर दाखिल हुए तो उन लोगों को होश ही उड़ गए. संगीता और उसके बेटे का जला हुआ शव पड़ा हुआ था और बेटी आयुषी बुरी तरह से झुलसी हुई थी और जिंदा थी.
पति लिया गया हिरासत में
तत्काल ही आयुषी को निजी अस्पताल में पड़ोसियों ने भर्ती कराया और पुलिस को घटना की जानकारी दी. सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने फोरेंसिक टीम को भी बुलाया और जांच की. साथ ही पुलिस ने जसवंत को हिरासत में ले लिया.
पति-पत्नी में होती थी आपसी कलह
पुलिस की जांच में सामने आया है कि जसवंत और संगीता के बीच आपसी कलह होता था. दोनों के बीच आय-दिन विवाद होता ही रहता था. लोगों के मुताबिक हो सकता है इसी के कारण संगीता बच्चों सहित आग लगा ली. घटना में मां-बेटे की मौत हो गई है और बेटी बुरी तरह से झुलस गई.