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'हां, मैंने जुर्म किया है...', पढ़ें- BSP से सस्पेंड होने के बाद मायावती के लिए क्या बोले सांसद दानिश अली

बसपा ने सांसद दानिश अली को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में पार्टी से निलंबित कर दिया. बसपा ने कई बार दानिश अली को हिदायत भी दी थी और कहा था कि पार्टी उनके मुद्दे पर उनके साथ है. बावजूद इसके दानिश अली लगातार कांग्रेस के साथ खड़े दिखाई दे रहे थे और कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी थी.

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बसपा ने दानिश अली को सस्पेंड कर दिया है
बसपा ने दानिश अली को सस्पेंड कर दिया है

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने सांसद दानिश अली को पार्टी से संस्पेंड कर दिया है. उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है. दरअसल, संसद में रमेश बिधूड़ी द्वारा अपशब्दों का इस्तेमाल किए जाने के बाद दानिश अली से मिलने राहुल गांधी पहुंचे थे. इसके बाद वह कई मौके पर संसद में कांग्रेस के साथ खड़े नजर आए. इसके बाद बसपा ने उन्हें हिदायत भी दी थी.

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अब इसको लेकर दानिश अली की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने शनिवार शाम को प्रेस कांफ्रेंस करते हुए इन आरोपों को खारिज किया. उन्होंने कहा कि आज मुझे करीब साढ़े चार बजे सूचना मिली कि मुझे बहुजन समाज पार्टी से पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते निलंबित कर दिया गया है. इस पर मैं इतना ही कहूंगा कि बहन मायावती जी का मैं शुक्रगुजार रहूंगा कि उन्होंने मुझे बसपा का टिकट देकर लोकसभा का सदस्य बनने में मेरी मदद की. बहनजी ने मुझे बसपा लोकसभा में संसदीय दल का नेता भी बनाया. मुझे सदैव उनका असीम स्नेह और समर्थन मिला है. उनका आज का फैसला जरूर दुर्भाग्यपूर्ण है. 

दानिश अली ने कहा कि मैंने अपनी पूरी मेहनत और लगन के साथ बसपा को मजबूत करने का प्रयास किया और कभी भी किसी प्रकार का पार्टी विरोधी काम नहीं किया. इस बात की गवाह मेरे अमरोहा की जनता है. मैंने भाजपा सरकार की जन विरोधी नीतियों का विरोध जरूर किया और आगे भी करता रहूंगा. चंद पूंजीपतियों द्वारा जनता की संपत्तियों की लूट के खिलाफ मैंने आवाज उठाई है और आगे भी उठाता रहूंगा क्योंकि यही सच्ची जन सवेना है. यदि ऐसा करना जुर्म है तो मैंने जुर्म किया है और मैं इसकी सजा भुगतने के लिए तैयार हूं. अमरोहा की जनता को मैं आश्वासन देना चाहता हूं कि आपकी सेवा में मैं हमेशा हाजिर रहूंगा. 

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दानिश अली ने कहा कि मैं जिस दिन से सांसद चुना गया, पहले दिन से मैंने जनता के हित और पार्टी की विचारधारा को ध्यान में रखते हुए संसद के अंदर मैंने इस देश के शोषित-वंचित पीड़ित समाज की, किसान, पिछड़े वर्ग की जुबान बनने का काम किया. अगर ये सब पार्टी विरोधी है तो मुझे पता नहीं. कहीं भी कोई अन्याय होता है तो उसके खिलाफ सबसे पहले आवाज बुलंद करने का काम किया और आगे भी करता रहूंगा. 

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